नई दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और टीवी डिबेट्स के चर्चित चेहरे शहजाद पूनावाला ने पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में उन्होंने आर्थिक तंगी को मुख्य वजह बताया. पूनावाला ने एक इंटरव्यू में साफ कहा, “मुझे किराया देना है. मेरा मकान मालिक मुझे मुफ्त में घर नहीं देगा क्योंकि मैं बीजेपी से हूं. वह हर महीने 1 तारीख को किराया मांगता है. राजनीतिक पार्टियां अपने प्रवक्ताओं को सैलरी नहीं देतीं और गुजारा मुश्किल हो रहा था.”
उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा का काम कार्यकर्ताओं का गुजारा करना नहीं है. उन्होंने बताया, “जब आप किसी राजनीतिक आंदोलन से जुड़ते हैं तो यह नौकरी नहीं होती. आप विचारधारा, व्यक्ति या संगठन के प्रति लगाव की वजह से जुड़ते हैं. ये तीनों चीजें अभी भी मेरे साथ हैं. मैं पीएम मोदी के विजन और पार्टी की विचारधारा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं.”
पूनावाला ने यह भी कहा कि वह ‘लेता’ या ‘बेटा’ कैटेगरी में नहीं आते. ज्यादातर नेता या तो फायदा लेने वाले होते हैं या किसी की विरासत से आते हैं, लेकिन वह पहली पीढ़ी के राजनेता हैं इसलिए खुद का गुजारा करने के लिए रास्ते खोजने पड़े. उन्होंने साफ किया कि इस्तीफा अचानक नहीं लिया. 2024 से ही इस बारे में सोच रहे थे. कुछ हफ्ते पहले इच्छा जाहिर करने पर पार्टी लीडरशिप ने उनसे संपर्क किया और मदद की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने जमीर की बात कहकर इनकार कर दिया.
सोशल मीडिया पर चल रही साजिश थ्योरीज (जैसे स्टिंग वीडियो) को खारिज करते हुए पूनावाला ने कहा कि उन्होंने ऐसे किसी वीडियो के बारे में पहली बार सुना है और इनमें कोई सच्चाई नहीं है. कांग्रेस में वापसी की संभावना पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में शर्त रख दी कि मैं एक शर्त पर कांग्रेस में शामिल होऊंगा कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका वाड्रा को हटाओ और नेहरू के कामों के लिए माफी मांगो. शहजाद पूनावाला 2021 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. अब उनका यह इस्तीफा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है.