नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के आरा में प्रदर्शनकारियों के काले झंडे दिखाने का जवाब टॉफियां बांटकर दिया. रायबरेली के सांसद राहुल गांधी अपनी 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान आरा में थे, जहां बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित टिप्पणियों को लेकर काले झंडे दिखाए. राहुल ने कुछ कहने के बजाय टॉफियां निकालीं और एक मधुर अंदाज में जवाब दिया.
#WATCH | Arrah, Bihar: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi offered candies to BJYM workers who showed him black flags and confronted him over the alleged derogatory remarks made against the Prime Minister and his late mother at a Mahagathbandhan event in Darbhanga. pic.twitter.com/dkFXz8WJeB
— ANI (@ANI) August 30, 2025
हाल ही में, राहुल गांधी की बिहार रैली के दौरान कुछ लोगों द्वारा पीएम मोदी और उनकी मां के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्द कहने का एक वीडियो वायरल हुआ था. बीजेपी ने इस "अपमानजनक" भाषा की कड़ी निंदा की. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और माफी की मांग की. न केवल बीजेपी, बल्कि उनके सहयोगी दलों और विपक्षी नेता ओवैसी ने भी राहुल और कांग्रेस की इस भाषा के लिए आलोचना की. लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि "सत्य और अहिंसा" हमेशा "झूठ और हिंसा" पर जीत हासिल करेंगे.
एक्स पर एक पोस्ट में राहुल ने लिखा, "सत्य और अहिंसा की जीत होती है, झूठ और हिंसा का कोई वजूद नहीं. जितना चाहे हमला करो, तोड़ो-फोड़ो, हम सत्य और संविधान की रक्षा करते रहेंगे. सत्यमेव जयते."
इस बीच, आरा में अपनी यात्रा के दौरान शनिवार को राहुल गांधी ने केंद्र की एनडीए सरकार की आलोचना की और बिहार में चल रही मतदाता सूची के विशेष संशोधन को "संविधान और देश के लोकतांत्रिक ढांचे पर हमला" बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी, आरएसएस और चुनाव आयोग देश में "वोट चोरी" कर रहे हैं. राहुल ने कहा कि बिहार से शुरू हुई 'वोटर अधिकार यात्रा' देशव्यापी आंदोलन बनेगी, जो लोगों के वोट चुराने के खिलाफ लड़ेगी.
उन्होंने दावा किया, "एनडीए सरकार ने महाराष्ट्र और देश के अन्य हिस्सों में वोट चुराने में सफलता हासिल की, लेकिन हम बिहार में बीजेपी और चुनाव आयोग को एक भी वोट चुराने नहीं देंगे." लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल ने कहा, "वोट देना दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं का अधिकार है, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार वोट चुराकर चुनाव जीतती है."