नई दिल्ली: राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि यह विधेयक असल में महिलाओं के सशक्तीकरण का नहीं, बल्कि देश के चुनावी नक्शे को बदलने का प्रयास है. उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने 5 मिनट में वो काम कर दिखाया, जो राहुल 20 साल की राजनीति में नहीं कर पाए.
राहुल ने बताया कि प्रियंका अमित शाह के चेहरे पर हंसी लाने में सफल रहीं. इस दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और खुद का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उन्हें पत्नी से जुड़ी कोई समस्या नहीं है, इसलिए उन्हें इस संबंध में कोई इनपुट नहीं मिलता. फिर भी उन्हें अपनी मां और बहन से सलाह और इनपुट मिलता रहता है.
राहुल ने आगे कहा कि यह बिल महिला आरक्षण का नहीं है और न ही महिलाओं के अधिकारों से इसका कोई लेना-देना है. उनका आरोप था कि सरकार इस विधेयक के जरिए पिछड़े वर्गों के अधिकारों को छीनने और देश का राजनीतिक मानचित्र बदलने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने दावा किया कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर सरकार के इस प्रयास को नाकाम करने वाला है. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सरकार जातिगत जनगणना को दबाने की कोशिश कर रही है और ओबीसी समुदाय के अधिकारों पर डाका डालने की तैयारी में है.
बीजेपी पर हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि सत्ता पक्ष अपनी घटती राजनीतिक ताकत से डरा हुआ है, इसलिए वह असम और जम्मू-कश्मीर की तरह अब पूरे देश का चुनावी नक्शा बदलना चाहता है. उन्होंने इसे महिलाओं के नाम पर किया जा रहा शर्मनाक कृत्य बताया.