तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी धमकी के बीच ईरान ने सख्त जवाब देते हुए कहा है कि उनकी सेना किसी भी हमले का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. ईरानी चीफ नेगोशिएटर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने रविवार को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी, "अगर धमकियों का असर होता तो अमेरिका आज इस हताशा की स्थिति में नहीं पहुंचता. हम इन धमकियों को बिल्कुल गंभीरता से नहीं लेते."
ट्रंप ने हाल ही में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर तेहरान लेबनान में अपने प्रॉक्सी (हिजबुल्लाह) के जरिए परेशानी पैदा करना बंद नहीं करता, तो अमेरिका ईरान पर "पिछले हफ्ते से भी ज्यादा जोरदार" हमला करेगा. इस बयान के जवाब में ईरान ने ट्रंप को सावधान रहने की सलाह दी.
स्विट्जरलैंड में चल रही बातचीत के बीच तनाव
इस घटनाक्रम के बीच स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान के बीच हाई-लेवल डिप्लोमैटिक बातचीत का पहला राउंड पूरा हो गया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सीनियर ईरानी अधिकारियों से मुलाकात की. पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में हुई इस बैठक में वेस्ट एशिया में शांति बहाल करने पर चर्चा हुई, हालांकि तत्काल कोई बड़ा समाधान निकलने की उम्मीद कम बताई जा रही है.
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आंतरिक परामर्श के लिए बैठक को 80 मिनट बाद रोका गया. वेंस ने कहा कि शांति आसान नहीं होती, इसके लिए मेहनत और लेन-देन दोनों जरूरी हैं. ईरान के इस मजबूत रुख से मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की धमकी और ईरान के पलटवार के बीच डिप्लोमेसी की यह कोशिश नाजुक मोड़ पर पहुंच गई है.