नई दिल्ली: राहुल गांधी जिस हाइड्रोजन बम की बात कर पूरे देश को चौंका रहे थे, वो आया तो क्या हुआ? इस दौरान राहुल गांधी ने पहले से बना बनाया प्रजेंटेशन दिखाया और कहा कर्नाटक में वोट चोरी हुई. यही यूपी-बिहार में होगा, पिछली बार राहुल कागजों की पोटली लाए थे, इस बार जिंदा सबूत लाए थे. यानि उन लोगों को पकड़कर जो कह रहे थे हमारा नाम काटा गया, राहुल ने दावा किया जानबूझकर कांग्रेस के वोट काटे जा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोट चोरों के रक्षक बने हुए हैं.
राहुल ये भी कहते हैं ये मेरा काम नहीं है, तो क्या वो देश के ऊपर एहसान कर रहे हैं, या फिर किसी के इशारे पर ऐसा काम कर रहे हैं. पिछली बार ये पता चला कि वोट चोरी वाला प्रजेंटेशन नेपाल में बना. हालांकि, अल्ट न्यूज जो फैक्ट चेक करती है, उसने कहा ये दावा झूठा है, तो क्या सच में वोट चोरी हो रही है या राहुल देश में अस्थिरता फैलाने की साजिश रच रहे हैं?
लोगों को चुनाव आयोग के खिलाफ भड़काने की प्लानिंग कर रहे हैं. अगर पड़ोस के देशों पर नजर डालें तो विदेशी इशारे पर नेपाल से लेकर बांग्लादेश तक में सरकारी संस्थाओं के खिलाफ ऐसे ही विरोध शुरू हुआ, लेकिन यहां कहानी अलग लगती है. राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस नेता वोट चोर गद्दी छोड़ के नारे को ट्रेंड करवाते हैं. और वाराणसी जहां से मोदी सांसद हैं, वहां के कांग्रेस प्रत्याशी रहे अजय राय साफ कहते हैं, मोदी वोट चोरी करके प्रधानमंत्री बने हैं.
राहुल की बातों का समर्थन प्रियंका गांधी भी करती हैं. पूरी कांग्रेस लगता है इस फिराक में है कि चुनाव आयोग को बदनाम कर किसी तरह सत्ता तक पहुंचा जाए, लेकिन इस काम में लगता है उनके गठबंधन के साथी ही उनके साथ नहीं हैं, वोट चोरी पर राहुल अकेले सामने से मोर्चा संभाले हुए हैं, जब राहुल इधर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तब अखिलेश यादव ये कह रहे थे मैं तो बेरोजागर हूं.
आखिर अखिलेश यादव का ये तंज किस पर था, क्या राहुल गांधी भी इस तरह से खुद को बेरोजगारों की श्रेणी में समझ रहे हैं, या ये लोग मिलकर बेरोजगारों का मजाक उड़ा रहे हैं. जो हालात फिलहाल बने हैं, उसके हिसाब से ये लगता है चुनाव आयोग राहुल गांधी पर सख्त एक्शन ले सकता है, क्योंकि इससे पहले चुनाव आयोग ने राहुल से एफिडिविट मांगा था, पर राहुल ने ये कहकर टाल दिया कि मैंने जो बात कही वो अनुराग ठाकुर ने भी कही तो फिर मुझसे ही शपथपत्र क्यों मांग रहे हो. हालांकि तब मामला ठंडे बस्ते में चला गया, लेकिन इस बार राहुल जिस हिसाब से लोगों को पकड़कर लाए हैं, उन पर चुनाव आयोग क्या कहता है, चुनाव आयोग के अंदर राहुल का आदमी कौन है, और क्या वहां कोई एक्शन होने वाला है, ये भी बड़ा सवाल है. आपको राहुल के आरोपों में कितना दम दिखता है, अपनी राय जरूर बताएं. क्योंकि ऐसे तो कोई भी फिर देश की संस्थाओं पर सवाल उठाने लगेगा.