सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामा शुरू हो गया. दरअसल राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा चल रही थी. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष और राय बरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बहस की शुरुआत की और हिन्दू, हिंसा, अहिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए जमकर निशाना साधा. संसद में राहुल गांधी भगवान शिव, गुरुनानक की तस्वीर लेकर पहुंचे थे.
सदन में अपने भाषण के शुरुआत में ही राहुल गांधी ने ऐसा बोल दिया जिसपर हंगामा शुरू हो गया. तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खड़े होकर विरोध जताया, फिर बैठ गए. राहुल गांधी ने अभय मुद्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अहिंसा का देश है और यह डरता नहीं है. सभी धर्मों में कहा गया है डरना नहीं है.
राहुल गांधी ने कहा है कि हमारे महापुरुषों ने भी संदेश दिया है कि डिरो मत-डराओ मत. भगवान शिव की तस्वीर हाथों में लेकर राहुल गांधी कहते हैं शिवजी ने कहा है कि डरो मत, डराओ मत और अभय मुद्रा दिखाते हैं. हिन्दू धर्म में कहीं भी हिंसा की बात नहीं है, लेकिन जो अपने आप को हिंदू कहते हैं वो 24 घंटे हिंसा की बात करते हैं, नफरत फैलाते हैं, इसलिए आप हिन्दू हो ही नहीं.
हिन्दू धर्म में साफ लिखा है कि सच का साथ देना चाहिए, सच के पीछे नहीं खड़ा होना चाहिए. राहुल गांधी के इस बयान पर सत्ता पक्ष के लोग हंगामा करने लगे. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी कुर्सी से उठ गए और राहुल गांधी की बातों को गंभीर मसला बताया. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पूरे हिन्दू समाज को हिंसक कहना गंभीर बात है.
इसपर राहुल गांधी भी पलटवार करने से नहीं चुके. राहुल ने कहा कि मैंने आपको कहा है न कि पूरे हिन्दू समाज को और पीएम मोदी व बीजेपी पूरा हिन्दू समाज नहीं है. इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जो कहा है, वह गलत है राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस देश में करोड़ों लोग अपने आपको हिन्दू कहते हैं. इसलिए राहुल गांधी से गुजारिश करता हूं कि वो अभय मुद्रा पर इस्लामिक विद्वानों की भी राय लें और हिन्दू समाज से माफी मांगे.