Rahul Gandhi trolled: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को हिन्दी से प्यार नहीं, बल्कि अंग्रेस के साथ दुलार है, वो मात्र भाषा का सम्मान नहीं बल्कि विदेशी भाषा की गुलामी करना चाहते हैं. कर्नाटक में राहुल की आत्मा कहां चली जाती है? ऐसे तमाम आरोप राहुल गांधी के ऊपर लग रहे हैं. क्योंकि राहुल गांधी ने हिंदी बनाम अंग्रेजी की जंग में एक ट्वीट किया है, जिसमें वो अंग्रेजी भाषा के कसीदे पढ़ते नजर आ रहे हैं, जबकि मात्र भाषा हिन्दी के सम्मान में एक भी शब्द नहीं लिखा गया है. आप पहले उस पोस्ट को पढ़िए कि क्या लिखा हुआ है.
“अंग्रेज़ी बाँध नहीं, पुल है।
अंग्रेज़ी शर्म नहीं, शक्ति है।
अंग्रेज़ी ज़ंजीर नहीं - ज़ंजीरें तोड़ने का औज़ार है।
BJP-RSS नहीं चाहते कि भारत का ग़रीब बच्चा अंग्रेज़ी सीखे - क्योंकि वो नहीं चाहते कि आप सवाल पूछें, आगे बढ़ें, बराबरी करें।
आज की दुनिया में, अंग्रेज़ी उतनी ही ज़रूरी है जितनी आपकी मातृभाषा - क्योंकि यही रोज़गार दिलाएगी, आत्मविश्वास बढ़ाएगी।
भारत की हर भाषा में आत्मा है, संस्कृति है, ज्ञान है। हमें उन्हें संजोना है - और साथ ही हर बच्चे को अंग्रेज़ी सिखानी है।
यही रास्ता है एक ऐसे भारत का, जो दुनिया से मुकाबला करे, जो हर बच्चे को बराबरी का मौका दे।“

अपने इसी पोस्ट की वजह से राहुल गांधी ट्रोलर्स और हिन्दी भाषीय लोगों के निशाने पर आ गए हैं, कई लोगों ने राहुल गांधी को अंग्रेजी का समर्थन करने के लिए लताड़ा है, आपको राहुल गांधी के ट्वीट पर जो रिप्लाई आए हैं, वो भी दिखाते हैं. लाला नाम के यूजर लिखते हैं-
“इंग्लिश के खिलाफ बोले तो आ गया डिफ़ेंड करने पप्पू
मगर रोज देश की भाषा हिन्दी को गाली दी जाती है कर्नाटक मे लोग पीटे जाते है तब पैरवी नहीं करता हिन्दी की
तब आत्मा शक्ति संस्कृति याद नहीं आती”

इंद्रजीत नाम के यूजर ने लिखा है कि-
“आप के कहने के हिसाब से भारत की हर भाषा में आत्मा है, संस्कृति है, ज्ञान है तो में जब कर्नाटक में हिंदी बोलता हूँ तो वहाँ की कांग्रेस गवर्मेंट को मेरी आत्मा , ज्ञान और संस्कृति से क्या तकलीफ़ हैं भाई ? ????”

ऐसे ही अनेकों लोग हैं जिन्होंने राहुल गांधी को निशाना बनाया है, कुछ लोग तो राहुल के हिन्दी ग्यान पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि राहुल गांधी अंग्रेजी की बात करते हैं क्या उन्हें हिन्दी अच्छी तरह से आती है.
हिन्दी बोलते हुए ट्रोल हुए थे राहुल
राहुल गांधी के ऊपर सवाल इसलिए भी उठाए जा रहे हैं क्योंकि वो पहले भी हिन्दी बोलते हुए ट्रोल हो चुके हैं, एक बार सार्वजनिक मंच से मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या का नाम लेते हुए भी राहुल गांधी अटक गए थे, कई बार प्रयास करने के बाद भी ठीक तरह से राहुल गांधी एम विश्वेश्वरय्या का नाम ठीक तरह से नहीं ले पाए थे, ऐसे कई और वाकये भी राहुल गांधी के साथ हुए हैं जब वो अपनी हिन्दी की वजह से ट्रोल हुए हैं, जबकि सोनिया गांधी के लिए तो आज भी कहा जाता है कि वो इतने सालों तक भारत में रहने के बावजूद अब तक पूरी तरह से हिन्दी सीख नहीं पाई हैं. यही वजहें हैं कि राहुल गांधी अपने ट्वीट में अंग्रेजी का महिमा मंडन कर बुरी तरह फंसते दिख रहे हैं. इस हिन्दी बनाम अंग्रेजी की लड़ाई में आप किसके साथ हैं, क्या मात्र भाषा जरूरी है या फिर एक विदेशी भाषा?