बलिया: पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में बड़ा मोड़ सामने आया है. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बारासात अदालत में याचिका दाखिल कर आरोपी राज सिंह की रिहाई की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. सीबीआई ने अदालत को बताया कि राज्य पुलिस की विशेष जांच टीम ने मामले में गलत व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, इसके बाद बलिया निवासी राज सिंह को रिहा करने का आदेश जारी किया गया.
राज सिंह को 11 मई को पश्चिम बंगाल पुलिस की एसआईटी ने अयोध्या से गिरफ्तार किया था. उस समय पुलिस ने दावा किया था कि वह चंद्रनाथ रथ की हत्या की साजिश में शामिल था. बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई. जांच के दौरान केंद्रीय एजेंसी को ऐसे सबूत मिले, जिनसे पता चला कि हत्या के दिन राज सिंह पश्चिम बंगाल में नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में मौजूद था.
परिवार का दावा था कि 6 मई को जब मध्यग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या हुई, तब राज सिंह अपने परिवार के साथ उत्तर प्रदेश में था. सूत्रों के मुताबिक यूपी पुलिस की खुफिया इकाई और एसटीएफ ने भी जांच में इस दावे को सही पाया. राज सिंह की मां जमवंती सिंह ने बताया कि उनका बेटा 7 मई को एमएलसी पप्पू सिंह की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए लखनऊ गया था. परिवार शादी समारोह के पास एक गेस्ट हाउस में रुका था.
उन्होंने बताया कि राज सिंह रात में शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस गेस्ट हाउस लौट आया था और अगली सुबह परिवार अंबेडकर नगर के लिए रवाना हो गया. सीबीआई की जांच के बाद अदालत में यह बात रखी गई कि राज सिंह के खिलाफ हत्या में शामिल होने के पर्याप्त सबूत नहीं मिले. अदालत ने सीबीआई की दलील सुनने के बाद उसकी रिहाई का आदेश दे दिया. इस फैसले के बाद मामले की जांच और राज्य पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं.