नई दिल्ली: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे रविवार को शिवसेना (UBT) अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की बधाई देने के लिए मातोश्री पहुंचे. मुलाकात के दृश्य साझा करते हुए, शिवसेना (UBT) ने एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने लिखा, ''महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राजसाहेब ठाकरे ने पार्टी प्रमुख उद्धवसाहेब ठाकरे को जन्मदिन की बधाई दी." राज ठाकरे आखिरी बार 2012 में बाला साहेब ठाकरे की मृत्यु के समय मातोश्री में आए थे. ऐसे में राज के मातोश्री पहुंचने के कई मायने निकाले जा रहे हैं. राजनीतिक जानकार कहते हैं, जिस प्रकार से कई चुनाव में MNS की किरकिरी हुई उसे देखते हुए राज ने फैसला लिया है कि उद्धव के साथ मिलकर ही पार्टी और विचारधार को आगे बढ़ाया जा सकता है.
बता दें कि इससे पहले 5 जुलाई को राज की उद्धव से मुलाकात हुई थी, जो एक दुर्लभ क्षण था. मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित ‘आवाज मराठीचा’ रैली में, ठाकरे चचेरे भाइयों ने मंच पर गले मिले थे, जब महाराष्ट्र सरकार ने स्कूलों में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शामिल करने वाले दो सरकारी प्रस्तावों (जीआर) को वापस लिया था. रैली में भीड़ को संबोधित करते हुए, उद्धव ठाकरे ने कहा था, "हम एक साथ आए हैं और एक साथ रहेंगे."
रविवार को उद्धव ठाकरे का 65वां जन्मदिन भी था, जिसके लिए इंडिया गठबंधन के सहयोगियों ने बधाई दी. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "शिवसेना अध्यक्ष और इंडिया गठबंधन के साझेदार उद्धव ठाकरे जी को हार्दिक जन्मदिन की बधाई. आपके स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं, और हम मिलकर महाराष्ट्र के लोगों के हितों और अधिकारों के लिए लड़ेंगे." तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एमके स्टालिन ने भी बधाई दी और ठाकरे के भाषाई पहचान के रुख की सराहना की.
बता दें कि 2012 में लीलावती अस्पताल में उद्धव-राज की भावनात्मक मुलाकात को ठाकरे वंश की उतार-चढ़ाव भरी गति में एक महत्वपूर्ण क्षण माना गया था. MNS प्रमुख राज ठाकरे, जो अलीबाग में एक MNS कार्यशाला की अध्यक्षता करने वाले थे, वहां से दौड़कर लीलावती अस्पताल पहुंचे थे, जहां शिवसेना कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का एंजियोप्लास्टी हो रही थी. उसी शाम, राज ने उद्धव को अपनी मर्सिडीज में बाला साहेब के निवास मातोश्री, पहुंचाया.
उन्होंने वहां लगभग 30 मिनट बिताए, जो परिवार में आंतरिक मतभेद के बाद उनकी पहली यात्रा थी. अस्पताल में मौजूद एक करीबी रिश्तेदार ने कहा था, "दोनों चचेरे भाई ठाकरे भावना के साथ भाइयों की तरह मिले." उद्धव की पत्नी रश्मि, राज की पत्नी शर्मिला, और राज की मां कुंदा, जो उद्धव की मातृ-संबंधी चाची भी हैं, वहां वीआईपी सुइट में मौजूद थीं. इस दृश्य ने ठाकरे कबीले में राजनीतिक विभाजन को कुछ समय के लिए धुंधला कर दिया था.
राज दिसंबर 2005 में उद्धव के पार्टी में बढ़ते प्रभाव से नाराज होकर मातोश्री से बाहर निकल गए थे. तीन महीने बाद, उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की स्थापना की और शिवाजी पार्क में अपनी पहली सार्वजनिक सभा को संबोधित किया, उसी स्थान पर जहां से बाला साहेब ठाकरे ने 1966 में शिवसेना की शुरुआत की थी. हालांकि राजठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र में कमाल नहीं दिखा पाई.