नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आखिरकार ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में शानदार जीत और अब दिल्ली नगर निगम (MCD) मेयर चुनाव में जीत के बाद बीजेपी ने केंद्र, राज्य और नगर निगम तीनों स्तरों पर अपनी सत्ता स्थापित कर ली है. इस घटनाक्रम ने दिल्ली की सियासत में एक नए युग की शुरुआत कर दी है, जहां बीजेपी अब बिना किसी विपक्षी बाधा के अपनी योजनाओं को लागू करने की स्थिति में है. इसी के साथ राजा इकबाल सिंह नए मेयर चुन लिए गए हैं. चुनाव में कुल 142 वोट पड़े, जिसमें राजा इकबाल सिंह को कुल 133 वोट मिले. एक वोट को अमान्य घोषित किया गया.
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने 48 सीटें जीतकर 26 साल बाद सत्ता में वापसी की थी. इस जीत ने न केवल आम आदमी पार्टी (AAP) को सत्ता से बाहर किया, बल्कि बीजेपी को नगर निगम पर भी अपनी पकड़ मजबूत करने का मौका दिया. अप्रैल 2025 में होने वाले मेयर चुनाव में AAP ने अपने उम्मीदवार को मैदान में उतारने से इनकार कर दिया, जिसके चलते बीजेपी के उम्मीदवार आसानी से जीत गए. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इसे जनता का विश्वास करार देते हुए कहा कि अब दिल्ली को विकास की रफ्तार में तेजी आएगी.
दिल्ली में ट्रिपल इंजन की सरकार का मतलब है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार, राज्य में बीजेपी की विधानसभा सरकार और अब MCD में भी बीजेपी का मेयर. इस स्थिति ने बीजेपी को नीतिगत फैसलों को लागू करने में अभूतपूर्व ताकत दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दिल्ली में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास, स्वच्छता और शहरीकरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिल सकती है. हालांकि, कुछ आलोचकों का कहना है कि एकछत्र शासन लोकतांत्रिक संतुलन के लिए खतरा बन सकता है, खासकर तब जब विपक्षी दल मैदान छोड़कर भाग रहे हों.
AAP की अनुपस्थिति ने कई सवाल खड़े किए हैं. पार्टी ने मेयर चुनाव से दूरी बनाकर यह संदेश दिया कि वह फिलहाल अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार करना चाहती है. लेकिन, इस कदम ने AAP कार्यकर्ताओं में निराशा पैदा की है, जो मानते हैं कि पार्टी को विपक्ष की भूमिका मजबूती से निभानी चाहिए थी. दूसरी ओर, बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह है. सचदेवा ने कहा, "दिल्ली की जनता ने हमें तीनों स्तरों पर मौका दिया है. अब हमारा लक्ष्य दिल्ली को एक वर्ल्ड-क्लास राजधानी बनाना है."
इस नए सियासी समीकरण के बीच दिल्ली की जनता की नजरें अब बीजेपी के वादों पर टिकी हैं. क्या ट्रिपल इंजन की सरकार वाकई दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, या यह सत्ता का केंद्रीकरण साबित होगा? यह देखना दिलचस्प होगा.