हाल ही में मुजफ्फनरगर डीएम के पास एक एसी रिपोर्ट पहुंची, जिससे लखनऊ में हड़कंप मचा हुआ है. दावा किया गया है कि 4 जून को मुजफ्फरनगर में कुछ बड़ा होने वाला है. वहीं पुलिस अधिकारियों के द्वारा आदेश दिया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था सख्त की जाए और जिन लोगों पर ऐसा करने का शक है, उनकी तलाश ली जाए.
चूंकि डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी को ये रिपोर्ट किसी खुफिया एजेंसी ने नहीं, बल्कि सीधा एक दिग्गज किसान नेता ने दी है इसलिए बात और चिंताजनक हो जाती है. अब सवाल उठता है कि आखिर वो कौन लोग हैं, जो मुजफ्फनरगर में शांति नहीं चाहते.
इस ख़बर को लेकर जब हमने पड़ताल की तो ईटीवी भारत की एक ख़बर मिली, जिसमें दिग्गज नेता नरेश टिकैत के हवाले से लिखा गया है कि 4 जून को मतगणना होने जा रही है. आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व शहर में 2013 की तरह माहौल को खराब कर सकते हैं.
डीएम से 4 जून को कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने की अपील की है. बेहतर होगा कि जीतने वाला और हारने वाला प्रत्याशी परिणाम को स्वीकार कर मौके पर शांति बनाए रखे. चुनाव में वोट ना डालना मेरा व्यक्तिगत फैसला था और जाहिर है जो चुनाव जीतेगा. वह भी मेरीह प्रत्याशी है. जो हारेगा वह भी लेकिन चुनाव को लेकर आपसी वे मनमुटाव गलत है और शांति बनी रहेगी तो सब कुछ ठीक रहेगा.
हालांकि नरेश टिकैत ने किसी का नाम नहीं लिया है, पर मुजफ्फरनगर शुरू से ही संवेदनशील जिले की लिस्ट में रहा है, इसलिए चिंता बड़ी हो जाती है, एसएसपी अभिषेक सिंह ने 4 जून के लिए 4 बड़े आदेश जारी किए हैं.
सुरक्षा के ये रहेंगे इंतजाम
मुजफ्फरनगर की सियासत पर अगर नजर डालें तो वहां से फिलहाल बीजेपी के प्रत्याशी संजीव बालियान हैं, जिनका संगीत सोम से विवाद काफी सुर्खियों में रहा. हालत ये हो गई कि सीएम योगी को वहां जाकर समझाना पड़ा. संगीत सोम पर साल 2013 मामले के आरोप लगे थे. इस बार चुनाव खत्म होने पर इस तरह की साजिश रचे जाने की आशंका है तो ऐसी स्थिति में दो ही तरह की संभावनाएं हो सकती है. पहला- जनता जिस प्रत्याशी को जीताए, उसे विरोधी पार्टी का प्रत्याशी न माने. दूसरा- पहले से ही मुजफ्फरनगर में बड़ी प्लानिंग चल रही है और जानकारी पुलिस के पास अब पहुंची है.
हालांकि नरेश टिकैत की ये आशंका सिर्फ सावधान करने वाली भी हो सकती है, क्योंकि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब खुद कहते हैं कि यूपी में सब चंगा सी. किसी के हाथ में पत्थऱ उठाने की हिम्मत नहीं है, तो फिर इतनी बड़ी हिमाकत भला कौन कर सकता है. सवाल इस बात का नहीं है कि माहौल बिगाड़ने की साजिश कौन रच रहा है, बल्कि सवाल ये है कि आप इससे कैसे दूर रहे हैं, सावधान रहें.