Ayodhya Ram Mandir News : राम मंदिर से जुड़े कथित गबन मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. जांच एजेंसियों को आरोपियों के मोबाइल फोन से ऐसे डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें मामले में अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल चैट में कथित तौर पर चोरी की रकम के बंटवारे को लेकर बातचीत सामने आई है. इन चैट्स के आधार पर जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और पैसों के लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं.
सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में मंदिर की वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी हैं. बताया जा रहा है कि संबंधित अवधि में मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं का संचालन राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के अधीन था. वहीं, दान राशि बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया और उससे जुड़े रिकॉर्ड की भी गहन जांच की जा रही है.
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी टिन्नू यादव के पास मंदिर में प्राप्त सोने और चांदी के आभूषणों की देखरेख की जिम्मेदारी थी. एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दान में मिले आभूषणों और नकदी का पूरा हिसाब रिकॉर्ड से मेल खाता है या नहीं.
इस बीच जांच का दायरा मंदिर परिसर में व्हीलचेयर संचालित करने वाले कुछ चालकों तक भी बढ़ाया गया है. सूत्रों का दावा है कि कुछ चालकों के पास उनकी आय के मुकाबले अधिक संपत्ति होने की जानकारी मिली है. इनमें चार पहिया वाहन और जमीन की खरीद शामिल बताई जा रही है. जांच एजेंसियां अब इन संपत्तियों के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल करेंगी.