भी कुछ दिनों पहले ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा किया था कि अगले दो साल में वे राज्य में 2 लाख नौकरियां सृजित करेंगे. इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए योगी सरकार ने अब विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी है. राज्य में बढ़ती बेरोजगारी को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी विभागों में नियुक्तियों को प्राथमिकता देना शुरू कर दिया है.
आपको बता दें, योगी कैबिनेट ने हाल ही में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनमें से एक प्रमुख प्रस्ताव परिवहन विभाग से संबंधित है. इस योजना के तहत अब उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम यानी (UPSRTC) में ग्रेड बी के पदों की भर्ती उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा की जाएगी, जबकि ग्रेड सी के पदों की भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से की जाएगी.
परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव एल. वेंकटेश्वर लू के अनुसार, UPSRTC में ग्रेड बी और ग्रेड सी के सभी खाली पदों की भर्ती अब आयोग की परीक्षा के माध्यम से की जाएगी. इससे पहले, परिवहन निगम में नियुक्तियों का काम आईआईएम लखनऊ के जरिए होता था. 2016 में, आईआईएम लखनऊ के माध्यम से 22 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (Assistant Regional Manager) पदों पर भर्ती की गई थी. अब इस नई व्यवस्था के जरिये 77 सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक पदों की भर्ती का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था, जिसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है.
इसके अलावा, जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल पाइपलाइन बिछाने के लिए मुफ्त में जमीन मिलने की योजना को भी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. भूमि आवंटन में आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का निवारण करने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या को ख़त्म किया जा सके. योगी सरकार के इन प्रयासों से न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.