पटना: लालू प्रसाद यादव के परिवार में सुलग रहा विवाद अब पूरी तरह से बाहर आ गया है. बेटी रोहिणी आचार्य ने परिवार और आरजेडी से नाता तोड़ने के बाद भाई तेजस्वी यादव, सांसद संजय यादव तथा रमीज नेमत पर तीखे हमले किए हैं. इस बार विवाद की चपेट में तेजस्वी की पत्नी रेचल (राजश्री यादव) भी आ गईं.
रोहिणी ने कहा कि उनके साथ जो कुछ हुआ, उसके बारे में तेजस्वी और उनकी पत्नी ही बता सकती हैं. रोहिणी का दावा है कि तेजस्वी ने अपने करीबियों के साथ मिलकर परिवार और पार्टी में अपनी सत्ता कायम करने के चक्कर में रिश्तों को तार-तार कर दिया. उन्होंने भावुक होकर कहा, "तेजस्वी और रेचल से ही पूछ लीजिए कि असली मुद्दा क्या था और परिवार का विघटन कब-कैसे शुरू हुआ." रोहिणी ने याद दिलाया कि उन्होंने पिता की जान बचाने के लिए किडनी दान की, लेकिन बदले में उन्हें गालियां, ताने और अपमान ही मिला.
सूत्रों के अनुसार, शादी के बाद तेजस्वी परिवार से कटने लगे और बाहरी लोगों पर ज्यादा यकीन करने लगे. रोहिणी ने रेचल को ही इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी वजह से तेजस्वी घरवालों से दूर हो गए. चुनावी हार के बाद 10 सर्कुलर रोड के राबड़ी देवी आवास पर लालू परिवार की बैठक हुई थी. लालू, राबड़ी, तेजस्वी व रेचल, रोहिणी, रागिनी यादव तथा राजलक्ष्मी सभी मौजूद थे. हार पर बहस शुरू हुई तो संजय यादव पर उंगलियां उठीं.
कहा गया कि पार्टी को अपने ढंग से चलाने वालों को हार का ठीकरा फोड़ने का हक नहीं. इससे तेजस्वी गुस्से से तिलमिला उठे. रोहिणी ने पूछा, "संजय पर सवाल उठने पर तुम इसे निजी हमला क्यों मान लेते हो?" यह सुनकर तेजस्वी और भड़क गए. बैठक में ही शुरू हुई तीखी तकरार ने रोहिणी को आहत कर दिया.
शनिवार को उन्होंने परिवार व पार्टी से दूरी बनाने का फैसला सुनाया और दिल्ली रवाना हो गईं. रविवार को सोशल मीडिया पर अपनी व्यथा बयान करते हुए उन्होंने कई चौंकाने वाले आरोप लगाए. रोहिणी ने कहा कि किडनी दान को "गंदी" बताकर ताना दिया गया, करोड़ों रुपये व टिकट के लालच में ऐसा किया जाने का झूठा इल्जाम लगाया गया.
गालियां दी गईं, "गंदी" कहकर अपमानित किया गया और मारने के इरादे से चप्पल तक उठाई गई. रोहिणी ने रो-रोकर कहा कि तेजस्वी, रेचल, संजय व रमीज ने साझा साजिश रची, उन्हें अपमानित किया और मायके से बेदखल कर दिया.
उन्होंने आरोप लगाया, ''मां-बाप व बहनों को छोड़कर जाना पड़ा, लालू-राबड़ी की बेटी को अनाथ ही बना दिया. हर सवाल का जवाब इन्हीं से लीजिए... इन्होंने ही मुझे बाहर का रास्ता दिखाया, क्योंकि इनकी कोई जवाबदेही नहीं." यह पारिवारिक कलह आरजेडी के लिए नया संकट खड़ा कर सकता है, खासकर बिहार की राजनीति में जहां यादव परिवार का प्रभाव अहम है.