बकरीद पर बकरा नहीं मोहम्मद अंसारी ने खुद को किया कुर्बान, नोट में लिखा- "अल्लाह के लिए दी कुर्बानी"

Amanat Ansari 08 Jun 2025 12:53: PM 4 Mins
बकरीद पर बकरा नहीं मोहम्मद अंसारी ने खुद को किया कुर्बान, नोट में लिखा-

नई दिल्ली: 8 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. 60 वर्षीय ईश मोहम्मद अंसारी ने बकरीद के दिन अपनी जान ले ली और एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्होंने खुद को "अल्लाह के लिए कुर्बानी" के रूप में पेश किया. इस घटना ने स्थानीय लोगों और पुलिस को स्तब्ध कर दिया. अंसारी ने शनिवार सुबह अपने घर के बगल की एक झोपड़ी में चाकू से अपना गला काट लिया. उनके परिवार ने उनकी चीखें सुनकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

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पुलिस और परिवार के अनुसार, अंसारी बकरीद की सुबह करीब 10 बजे सुल्तान सैयद मखदूम अशरफ शाह की दरगाह पर ईद की नमाज अदा करने गए थे. नमाज के बाद वे अपने घर लौटे और सीधे घर के बगल वाली झोपड़ी में चले गए. उनकी पत्नी हजरा खातून ने मीडिया को बताया, "नमाज पढ़कर लौटने के बाद वे झोपड़ी में गए. हमें नहीं पता था कि वे क्या करने वाले हैं." कुछ देर बाद परिवार ने उनकी चीखें सुनीं और झोपड़ी की ओर दौड़े. वहां अंसारी खून से लथपथ पड़े थे, और उनके पास एक चाकू था. परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए. हालत गंभीर होने के कारण उन्हें गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई.

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घटनास्थल पर मिले एक हस्तलिखित सुसाइड नोट ने सभी को हैरान कर दिया. नोट में लिखा था, "इंसान बकरे को अपने बेटे की तरह पालता है और फिर कुर्बानी देता है. वह भी एक जीव है. कुर्बानी हमें खुद की देनी चाहिए. मैं अपनी कुर्बानी अल्लाह के रसूल के नाम पर दे रहा हूं." इस नोट से पता चलता है कि अंसारी ने बकरीद की कुर्बानी की परंपरा को अपने तरीके से समझा और खुद को कुर्बानी के रूप में पेश करने का फैसला किया. यह नोट उनके मानसिक हालत और धार्मिक विश्वासों पर सवाल उठाता है.

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कुशीनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है. उन्होंने कहा, "यह स्पष्ट है कि अंसारी ने खुद अपने गले पर चाकू से वार किया. फिर भी, हम इस मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं." पुलिस ने अंसारी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सटीक कारण का पता लगाया जा सके. साथ ही, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या अंसारी किसी मानसिक तनाव या पारिवारिक समस्या से गुजर रहे थे. उनके परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि इस फैसले के पीछे और क्या कारण हो सकते हैं.

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अंसारी के परिवार के लिए यह एक बड़ा सदमा है. उनकी पत्नी हजरा खातून और बच्चे इस घटना से गहरे दुख में हैं. परिवार ने बताया कि अंसारी एक शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और नियमित रूप से नमाज पढ़ते थे. हालांकि, उन्होंने कभी ऐसी किसी बात का जिक्र नहीं किया था कि वे अपनी जान देने की सोच रहे हैं. स्थानीय समुदाय भी इस घटना से हैरान है. पड़ोसियों ने बताया कि अंसारी को कोई गंभीर समस्या थी, इसका उन्हें अंदाजा नहीं था. यह घटना बकरीद जैसे पवित्र मौके पर हुई, जिसने समुदाय में शोक और चर्चा दोनों को जन्म दिया.

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यह घटना धार्मिक परंपराओं और मानसिक स्वास्थ्य के बीच जटिल संबंधों को उजागर करती है. बकरीद पर कुर्बानी की परंपरा को इस तरह गलत समझना और उसका ऐसा चरम कदम उठाना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है. यह मामला मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और धार्मिक शिक्षाओं की सही व्याख्या की जरूरत को सामने लाता है. सोशल मीडिया पर लोग इस घटना पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ लोग इसे मानसिक बीमारी का परिणाम मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे धार्मिक कट्टरता से जोड़ रहे हैं.

यह घटना मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को भी रेखांकित करती है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंसारी को समय पर काउंसलिंग या मानसिक सहायता मिली होती, तो शायद यह त्रासदी टल सकती थी. उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में, जहां मानसिक स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं, ऐसी घटनाएं समाज के लिए एक सबक हैं. यह जरूरी है कि लोग अपने आसपास के लोगों के व्यवहार में बदलाव को गंभीरता से लें और उन्हें मदद के लिए प्रेरित करें.

पुलिस की जांच से इस मामले में और तथ्य सामने आएंगे. यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि धार्मिक परंपराओं को समझने और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए. सरकार और सामुदायिक संगठनों को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और काउंसलिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना होगा. साथ ही, धार्मिक नेताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि कुर्बानी जैसे रिवाजों की सही व्याख्या हो, ताकि कोई भी व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से न समझे.

Uttar Pradesh UP Kushinagar Bakrid Ish Mohammad Ansari

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