नई दिल्ली: संभल में इस बार की होली कैसी होगी, जो जगह पृथ्वीराज चौहान के दौर में दीवाली पर जगमग होती थी, जहां पृथ्वीराज चौहान के सेनापति चूड़िमाराज का किला था, क्या वहां 2025 की होली ऐतिहासिक होने वाली है, 46 साल बाद पहली बार संभल में होली की तैयारियां 10 दिन पहले से शुरू हो गई है, हालांकि उसी बीच बीते 48 घंटे में संभल को लेकर प्रशासन ने दो फैसले लिए हैं, पहला फैसला होली से जुड़ा है तो वहीं दूसरा फैसला पत्थरबाजों के पैरवीकारों और वहां बन रही पुलिस चौकी से जुड़ा है.
संभल के एसपी केके बिश्नोई कहते हैं... संभल की सुरक्षा के लिए वही ईंट-पत्थर उपयोग में लाए जाएंगे, जो पत्थरबाजों ने पुलिस पर फेंके थे. दीपा सराय और हिंदूपुराखेड़ा में बन रही पुलिस चौकी में इनका इस्तेमाल किया जाएगा. शासन की ओर से जारी बजट से पुलिस चौकी बन रही है.
दरअसल घटना के बाद पुलिस ने करीब 6 ट्रैक्टर-ट्रॉली ईंट-पत्थर इकट्ठा किए थे, जिनका इस्तेमाल कर पुलिस ये संदेश देना चाहती है कि पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है. संभल में करीब 38 चौकियां बनाई जा रही हैं, ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए Safe Sambhal Project पर काम चल रहा है. शहर के 200 चौराहों पर फेस आइडेंटिफिकेशन cctv कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि शहर की सुरक्षा व्यवस्था को कोई फिर से भंग न कर पाए, चाहे वो दुबई में बैठा शारिक साठा हो या दीपा सराय में छिपे उसके गुर्गे.
होली पर ऐसी नाकाम कोशिश कुछ लोग कर सकते हैं, क्योंकि बीते 46 सालों से संभल में होली का वो जश्न नहीं मना, जो इस बार मनने जा रहा है. साल 1978 के दंगे के बाद जो हिंदू वहां से पलायन कर गए थे, वो इस बार घर लौटकर होली मनाने वाले हैं, एक चैनल के कैमरे पर वहां के दुकानदार कहते हैं सिर्फ एक ही रंग की डिमांड है, वो है भगवा, लोग 10-20 पेटी भगवा रंग का ऑर्डर देकर जा रहे हैं, इस बार की होली खास होने वाली है, लेकिन प्रशासन के लिए चिंता की बात ये है कि इस बार की होली जुम्मे के दिन पड़ रही है.
14 मार्च को रंगों का त्यौहार है और 14 मार्च को ही होली भी है, इसलिए प्रशासन अलर्ट मोड पर है, अमन कमेटी के साथ जहां सीओ अनुज चौधरी बैठक कर रहे हैं, तो वहीं अलग-अलग जोन में PAC के जवान तैनात किए गए हैं, होलिका दहन के दौरान कोई उत्पात न मचाए, इसके लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, पीस कमेटी की बैठक में अनुज चौधरी साफ संदेश दे रहे हैं, जिसे रंगों से डर है, वो घर से बाहर न निकले.
चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती है, लखनऊ में जुम्मे के नमाज का वक्त बदल दिया गया है, होली के दिन दोपहर 2 बजे मुसलमान नमाज अदा करेंगे, जबकि संभल की जामा मस्जिद जहां अब तक नमाज पढ़ा जाता था, उसे अब हाईकोर्ट ने विवादित ढांचा घोषित कर दिया है, तो हिंदू पक्ष की मांग है पूजा-पाठ की अनुमति मिलनी चाहिए, होली पर ये मांग और तेज हो सकती है, इसे लेकर भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
सीएम योगी महाकुंभ के बाद अब संभल पर सीधी नजरें गड़ाए रह सकते हैं, क्योंकि इसका इतिहास भी अब काशी, मथुरा और अयोध्या की तरह नजर आ रहा है, जहां मथुरा-वृंदावन में फरवरी महीने से ही होली की धूम नजर आ रही है, तो वहीं संभल इस बार रंगों के त्यौहार के लिए सजने को तैयार है, आप योगीराज में हो रहे इस बदलाव को कैसे देखते हैं, क्या संभल फिर से सत्यव्रत नगर बनने की राह पर है, कमेंट कर अपनी राय जरूर दें.