बिहार कैबिनेट में विभागों का ऐतिहासिक बंटवारा: नीतीश ने पहली दफा छोड़ा अपना 'फेवरेट' विभाग, सम्राट चौधरी को मिला गृह मंत्रालय

Amanat Ansari 21 Nov 2025 06:21: PM 2 Mins
बिहार कैबिनेट में विभागों का ऐतिहासिक बंटवारा: नीतीश ने पहली दफा छोड़ा अपना 'फेवरेट' विभाग, सम्राट चौधरी को मिला गृह मंत्रालय

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथग्रहण के ठीक एक दिन बाद बिहार सरकार में विभागों का वितरण कर दिया गया. इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिला – 20 वर्षों में पहली बार नीतीश ने गृह विभाग अपने पास रखने के बजाय उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंप दिया. भाजपा कोटे के इस वरिष्ठ नेता को अब कानून व्यवस्था, जेल और आपराधिक जांच जैसे संवेदनशील विभागों की जिम्मेदारी मिली है, जो राज्य सरकार की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने का संकेत दे रही है.

कुल 26 सदस्यीय नई कैबिनेट में अभी 18 मंत्रियों को विभाग आवंटित किए गए हैं. बाकी आठ मंत्रियों के विभागों का फैसला जल्द होने की उम्मीद है, जिससे राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं. भाजपा को कृषि जैसे प्रमुख विभाग भी मिले हैं, जहां रामकृपाल यादव को कमान सौंपी गई है.

प्रमुख मंत्रियों के विभाग पर एक नजर

  • उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा: भूमि सुधार एवं राजस्व के अलावा खनन एवं भूतत्व विभाग
  • मंगल पांडेय: स्वास्थ्य विभाग के साथ विधि एवं न्याय विभाग
  • दिलीप जायसवाल: उद्योग विभाग
  • नितिन नवीन: लोक निर्माण विभाग तथा शहरी विकास एवं आवास विभाग
  • रामकृपाल यादव: कृषि विभाग
  • संजय सिंह (टाइगर): श्रम संसाधन विभाग
  • अरुण शंकर प्रसाद: पर्यटन विभाग सहित कला, संस्कृति एवं युवा मामले विभाग
  • सुरेंद्र मेहता: पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग
  • नारायण प्रसाद: आपदा प्रबंधन विभाग
  • रमा निषाद: पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
  • लखेंद्र पासवान: अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग
  • श्रेयसी सिंह: सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के साथ खेलकूद विभाग
  • प्रमोद कुमार चंद्रवंशी: सहकारिता विभाग तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग
  • LJPR कोटा: गन्ना उद्योग एवं लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग
  • HAM कोटा: लघु जल संसाधन विभाग
  • संतोष सुमन: लघु जल संसाधन विभाग (पिछले कार्यकाल की तरह ही)
  • दीपक प्रकाश: पंचायती राज विभाग

कैबिनेट में दलों का प्रतिनिधित्व

नीतीश कुमार की नई 26 सदस्यीय कैबिनेट में विविधता का ख्याल रखा गया है. भाजपा के 14 मंत्री हैं, जबकि जेडीयू के 8 सदस्य शामिल हैं. इसके अलावा चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से 1, और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी से 1 मंत्री हैं. कैबिनेट में एक मुस्लिम चेहरा (मो. जमा खान), तीन महिलाएं (श्रेयसी सिंह, लेसी सिंह, रमा निषाद), और तीन नए विधायक भी जगह बना चुके हैं.

  • भाजपा से प्रमुख नाम: सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, नितिन नवीन, रामकृपाल यादव, संजय सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, सुरेंद्र मेहता, नारायण प्रसाद, रमा निषाद, लखेंद्र पासवान, श्रेयसी सिंह, प्रमोद चंद्रवंशी.
  • जेडीयू से: विजय चौधरी, श्रवण कुमार, विजेंद्र यादव, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मो. जमा खान, मदन सहनी, डॉ. प्रमोद कुमार.
  • अन्य: संजय कुमार पासवान (LJPR), संजय सिंह (LJPR), संतोष सुमन (HAM), दीपक प्रकाश (RLSP).

नीतीश का 10वां कार्यकाल

एनडीए की प्रचंड जीत के बाद बिहार में नई सरकार का स्वरूप स्पष्ट हो गया है. हालिया विधानसभा चुनावों में गठबंधन ने 243 में से 202 सीटें जीतीं, जबकि महागठबंधन को महज 35 मिलीं. नीतीश कुमार ने गुरुवार को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली एक ऐसा रिकॉर्ड जो उन्हें बिहार के सबसे लंबे समय तक सत्ता में रहने वाले नेताओं की कतार में ला खड़ा करता है. उनका पहला कार्यकाल नवंबर 2005 से शुरू हुआ था, उसके बाद 2010, 2015 (दो बार), 2017, 2020, 2022 (दो बार) और अब 2024 में.

यह बंटवारा एनडीए की एकजुटता को दर्शाता है, जहां भाजपा को प्रमुख विभाग मिले हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे गठबंधन में संतुलन बना रहेगा, लेकिन शेष विभागों का फैसला भी उतना ही अहम होगा.

Nitish Kumar Samrat Chaudhary Bihar ministry division Vijay Sinha

Recent News