झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और JMM नेता हेमंत सोरेन (Hemant Soren) को जमानत मिलने के बाद देशभर में सियासी पारा चढ़ा हुआ है. विपक्षी नेता लगातार भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रहे हैं. इसी बीच आज शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने भी केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को आड़े हाथों लिया है.
संजय राउत ने कहा कि ED-CBI ने 10 साल में जितने भी राजनीतिक नेताओं को गिरफ्तार किया है उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं. मैं इसका उदाहरण हूं. अनिल देशमुख केखिलाफ कोई सबूत नहीं है, केजरीवाल जी को पकड़ा है, कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है, आप उन्हें परेशान कर रहे हैं. हेमंत सोरेन के बारे में भी यही कहा है. इस देश की एजेंसी मोदी-शाह की प्राइवेट एजेंसी बन गई है. हेमंत सोरेन बेकसूर थे.
दरअसल जमानत देने के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने जिन बातों का जिक्र किया उससे स्पष्ट होता है कि पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जमीन घोटाले में शामिल नहीं थे. कोर्ट ने कहा कि सबूतों को देखते हुए स्पष्ट हो रहा है कि हेमंत सोरेन कथित अपराधों के लिए दोषी नहीं हैं.
कोर्ट ने कहा था कि यह ध्यान देने योग्य बातें है कि भानु प्रताप प्रसाद के परिसर से बरामद कई रजिस्टरों और रेवेन्यू रिकॉर्ड में हेमंत सोरेन या उनके परिवार के सदस्यों का नाम नहीं है. साथ ही किसी भी रजिस्टर या रिकॉर्ड में उक्त 8.86 एकड़ भूमि के अधिग्रहण और कब्जे में याचिकाकर्ता का कोई प्रत्यक्ष भागीदारी नहीं है.
इसलिए कोर्ट ने पाया कि PMLA की धारा 45 की शर्त के मुताबिक हेमंत सोरेन इस कथित अपराध में दोषी नहीं है. इसलिए इन्हें 50 हजार रुपए के बेल बॉन्ड पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया जाता है, जिसके बाद कल ही हेमत सोरेन जेल से बाहर आ गए थे.
वहीं जेल से बाहर आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि मुझे मनगढंत कहानी बनाकर जेल में पांच महीने तक रखा गया. सोरेन ने कहा था कि देश के अलग-अलग राज्यों में जो कोई भी केंद्र सरकार के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें जेल में डाल दिया जाता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जो कर रही है वह किसी से छुपा नहीं है, आवाज उठाने वाले पत्रकारों को भी जेल में बंद किया जा रहा है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जेल में बंद हैं और कई मंत्रियों को भी जेल में डाला जा रहा है. उन्होंने कहा कि न्याय की प्रक्रिया इतनी लंबी हो रही है कि कई दिन, कई महीने और वर्षों लग जा रहे हैं. जो भी लोग जनता के लिए काम कर रहे हैं उनके कार्यों में बाधा डाली जा रही हैस, ताकि लोगों को लगे कि ये लोग निकम्मे हैं.