सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों को मिलेगा 20% आरक्षण, वंचितों के लिए 10% की सिफारिश: CM नायब सिंह सैनी

Global Bharat 18 Aug 2024 05:17: PM 1 Mins
सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों को मिलेगा 20% आरक्षण, वंचितों के लिए 10% की सिफारिश: CM नायब सिंह सैनी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (CM Naib Singh Saini) ने घोषणा की कि राज्य मंत्रिमंडल ने हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है. उन्होंने जानकारी दी है कि राज्य में (Reservation for Scheduled Castes in Haryana) अनुसूचित जातियों के लिए सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया जाएगा. सीएम सैनी (CM Saini) ने कहा कि हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की रिपोर्ट को कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है. अब सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों के लिए 20 प्रतिशत कोटा आरक्षित किया जाएगा, जिसमें आयोग ने सिफारिश की है कि इस कोटे का 10 प्रतिशत वंचित अनुसूचित जातियों को आवंटित किया जाए.

विधानसभा चुनावों के बाद होगा लागू 

उन्होंने कि यह नियम भारत के चुनाव आयोग द्वारा प्रदान की गई आचार संहिता के अनुपालन में विधानसभा चुनावों के बाद लागू किया जाएगा. बता दें कि यह घोषणा शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार (Chief Election Commissioner Rajeev Kumar) द्वारा विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद की गई. बता दें कि हरियाणा में एक चरण में 1 अक्टूबर को मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 अक्टूबर को होगी.

तीसरी बार सरकार बनाने का दावा...

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) चुनाव के लिए तैयार है और राज्य में तीसरी बार सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है और मैं इसका स्वागत करता हूं. बीजेपी चुनाव के लिए तैयार है और हम तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाएंगे. उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में हमने बिना किसी भेदभाव के हरियाणा का विकास किया है. सीएम सैनी ने कहा कि विपक्ष को जनता को गुमराह करने की बजाय अपनी उपलब्धियों पर ध्यान देना चाहिए, मैं लोगों से चुनाव में उत्साह के साथ भाग लेने की अपील करता हूं.

जुआ रोकथाम अध्यादेश किया गया पेश

मुख्यमंत्री सैनी ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने राज्य में जुआ और सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए जुआ रोकथाम अध्यादेश पेश किया है. इस अध्यादेश के तहत दोषी पाए जाने वालों को सात साल तक की जेल या 7 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. 

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