नई दिल्ली: रामपुर से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान को शुक्रवार को एक पुराने मामले में बड़ी राहत मिली. MP-MLA विशेष अदालत ने उन्हें उस मुकदमे में पूरी तरह बरी कर दिया, जिसमें उन पर अमर सिंह की बेटियों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप था.
यह केस मूल रूप से लखनऊ में दर्ज हुआ था, लेकिन बाद में इंटरव्यू जौहर यूनिवर्सिटी कैंपस में रिकॉर्ड होने की वजह से इसे रामपुर ट्रांसफर कर दिया गया. लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने आजम खान को सभी धाराओं से क्लीन चिट दे दी.
हालांकि समर्थकों में जश्न का माहौल है, लेकिन आजम खान की जेल से रिहाई अभी दूर की कौड़ी है. वजह यह है कि कुछ दिन पहले ही रामपुर की एक अन्य अदालत ने फर्जी पैनकार्ड बनाने के मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दोषी करार देते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है.
चूंकि इस सजा पर अभी हाईकोर्ट से स्टे या कोई राहत नहीं मिली है, इसलिए एक केस से बरी होने का फिलहाल आजम खान को कोई फायदा नहीं होने वाला. वह अभी भी रामपुर जेल में ही बंद रहेंगे, और उनकी रिहाई तभी संभव होगी जब सात साल वाली सजा वाले मामले में कोई कानूनी राहत मिलेगी.
फिलहाल आजम खान के खिलाफ 80 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से अधिकांश में या तो बरी हो चुके हैं या सुनवाई चल रही है, लेकिन दो-तीन गंभीर मामलों की वजह से उनकी जेल यात्रा अभी लंबी चलने वाली है.