Shafiqur Rahman Barq: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और संभल लोकसभा क्षेत्र से सांसद शफीकुर रहमान बर्क का 93 साल की उम्र में मंगलवार निधन हो गया। बर्क ने मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। लंबी बीमारी से जूझ रहे बर्क को पिछले दिनों तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बर्क वर्तमान लोकसभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य थे।
चार बार विधायक रह चुके बर्क ने 2019 में संभल के सांसद का पद संभाला था। अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी ने उन्हें आगामी 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए संभल सीट से नामांकित किया था लेकिन इसी बीच उनकी मृत्यु हो गई।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, कई बार के सांसद जनाब शफीकुर्रहमान बर्क साहब का इंतकाल, अत्यंत दु:खद।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 27, 2024
उनकी आत्मा को शांति दे भगवान।
शोकाकुल परिजनों को यह असीम दु:ख सहने का संबल प्राप्त हो।
भावभीनी श्रद्धांजलि ! pic.twitter.com/AJwV2Y795s
वरिष्ठ नेता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी और संवेदना प्रकट की।
साथ अन्य राजनीतिक पार्टियों के विभिन्न नेताओं ने भी बर्क के निधन पर शोक जताया। राष्ट्रीय लोक दल के नेता जयंत चौधरी ने संवेदना जताते हुए बर्क के जमीनी स्तर के जुड़ाव की प्रशंसा की और उन्हें लोगों के साथ सच्चा तालमेल रखने वाला नेता बताया।
बर्क ने 'वंदे मातरम' पर अपने विवादास्पद बयानों और अफगानिस्तान में तालिबान के नियंत्रण पर अपने रुख के लिए सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। अगस्त 2021 में उन्हें अपनी एक विवादास्पद बयान, जिसमें उन्होंने तालिबान और भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के बीच समानताएं जताई थीं, के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि तालिबान अफगानिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा था।
बर्क का निधन भारतीय राजनीति में एक युग के अंत का प्रतीक है, जो अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं जिसमें एक लंबा और प्रभावशाली राजनीतिक करियर शामिल है। साथ ही एक ऐसी आवाज भी है जिसने विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर बहस और चर्चा को जन्म दिया।