2022 में प्रेमी आफताब ने ली थी बेरहमी से जान, अब पुलिस मालखाने में तीन साल से अंतिम संस्कार के इंतेजार में श्रद्धा वाल्कर की अस्थियां

Rahul Jadaun 16 Aug 2026 02:47 PM 1 Mins
2022 में प्रेमी आफताब ने ली थी बेरहमी से जान, अब पुलिस मालखाने में तीन साल से अंतिम संस्कार के इंतेजार में श्रद्धा वाल्कर की अस्थियां

नई दिल्ली: देश को झकझोर देने वाले बहुचर्चित श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड (Shraddha Walkar Murder Case) को तीन साल से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मृतका के परिवार का दर्द आज भी बदस्तूर जारी है। महरौली के जंगलों से बरामद की गई श्रद्धा की हड्डियां (अवशेष) आज भी दिल्ली पुलिस के मालखाने में सीलबंद रखी हैं। कानूनी प्रक्रियाओं और साकेत कोर्ट में चल रहे ट्रायल के चलते श्रद्धा के पिता विकास वाल्कर अपनी बेटी का अंतिम संस्कार तक नहीं कर पा रहे हैं।

35 टुकड़ों में काटा था शव, महरौली के जंगलों से मिले थे अवशेष

मई 2022 में दिल्ली के छतरपुर पहाड़ी इलाके में 27 वर्षीय श्रद्धा वाल्कर की उसके लिव-इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने शव के 35 टुकड़े कर 300 लीटर के नए फ्रिज में रखे थे और कई हफ्तों तक रात के अंधेरे में महरौली और गुरुग्राम के जंगलों में फेंकता रहा। नवंबर 2022 में जब दिल्ली पुलिस ने आफताब को गिरफ्तार किया, तब जंगलों की खाक छानकर हड्डियां बरामद की गईं। सीएफएसएल (CFSL) और डीएनए जांच में पुष्टि हुई थी कि बरामद हड्डियां श्रद्धा की ही हैं।

ट्रायल के चलते मालखाने में बंद हैं अवशेष

श्रद्धा के पिता विकास वाल्कर का कहना है कि वे लगातार अदालत और जांच अधिकारियों से बेटी की अस्थियां सौंपने की गुहार लगा रहे हैं, ताकि हिंदू रीति-रिवाज से उसका अंतिम संस्कार और पिंडदान किया जा सके। हालांकि, कानूनी नियमों के मुताबिक किसी भी आपराधिक मामले में बरामद शारीरिक अवशेष कोर्ट ट्रायल में सबसे अहम केस प्रॉपर्टी (Material Evidence) होते हैं। गवाहियों और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के बयानों की प्रक्रिया पूरी होने तक अदालत से इन्हें रिलीज कराना कानूनी रूप से एक जटिल प्रक्रिया बनी हुई है।

जेल में परीक्षा दे रहा आफताब, परिवार को न्याय का इंतजार

दूसरी तरफ, तिहाड़ जेल में बंद मुख्य आरोपी आफताब पूनावाला के खिलाफ साकेत कोर्ट में आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (सबूत मिटाने) के तहत आरोप तय हो चुके हैं और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। हाल ही में आफताब ने जेल से ही अपनी उच्च शिक्षा (MA) की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति भी हासिल की थी। श्रद्धा के परिजन अदालत से फास्ट ट्रैक सुनवाई और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे हैं, ताकि बेटी की आत्मा को शांति मिल सके।

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