लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच बीजेपी ने अब एक कथित आंतरिक सर्वे को लेकर बड़ा दावा किया है. बीजेपी प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के अपने आंतरिक सर्वे में उसे विधानसभा चुनाव में महज 70 सीटों तक सिमटता हुआ बताया गया है.
दिनेश प्रताप सिंह के मुताबिक, इसी सर्वे को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर दबाव बढ़ा है. उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और कांग्रेस नेता इमरान मसूद के हालिया बयानों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों दलों के बीच खींचतान इसी राजनीतिक स्थिति का नतीजा है.
हालांकि, 70 सीटों वाले कथित सर्वे का स्वतंत्र तौर पर सार्वजनिक दस्तावेज सामने नहीं आया है, इसलिए इसे फिलहाल बीजेपी के दावे के तौर पर ही देखा जा रहा है। वहीं, रिपोर्टों में यह जरूर सामने आया है कि सपा 2027 के लिए आंतरिक स्तर पर सर्वे करा रही है और उम्मीदवारों की जमीनी स्थिति का आकलन किया जा रहा है.
आरएलडी प्रवक्ता रोहित अग्रवाल ने भी सर्वे को लेकर सपा पर हमला बोला. उन्होंने सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर कहा कि दोनों दल एक-दूसरे को ठगने में लगे हैं. उनका दावा है कि सपा 70 सीटों तक सिमटने की आशंका के कारण कांग्रेस के साथ गठबंधन को मजबूरी मान रही है.
अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया कि दोनों दलों के शीर्ष नेताओं के बीच गठबंधन की बात हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में तालमेल नहीं है. सपा-कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग को लेकर हाल के दिनों में बयानबाजी जरूर तेज हुई है. इमरान मसूद ने सीट बंटवारे में बराबरी की बात कही थी, जबकि अजय राय ने कांग्रेस की ओर से यूपी की सभी 403 सीटों पर संगठनात्मक तैयारी की बात कही है.
इसी बीच AIMIM ने भी सपा-कांग्रेस पर मुस्लिम राजनीति को लेकर सवाल खड़े किए हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय मुस्लिम समाज को महत्व दिया जाता है, जबकि चुनाव के बाद उसे राजनीतिक प्रतिनिधित्व में अपेक्षित जगह नहीं मिलती. ऐसे में 2027 से पहले सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारा और गठबंधन की रणनीति यूपी की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनती जा रही है.