नई दिल्ली: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के लिए विशेष पंजीकरण अभियान को आगामी 15 अगस्त तक बढ़ाने की सोमवार को घोषणा की. आधिकारिक बयान के मुताबिक इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में घर-घर जाकर जागरुकता और नामांकन अभियान का उद्देश्य सभी पात्र गर्भवती तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं तक पहुंचना है ताकि योजना के तहत उनका समय पर पंजीकरण सुनिश्चित हो सके. यह योजना गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण योजना है.
इस योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर करना है. यह योजना विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए बनाई गई है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आती हैं. आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है, इसका लाभ किन्हें मिलेगा और पंजीकरण कैसे करवाया जा सकता है.
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना क्या है?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) भारत सरकार की एक मातृत्व लाभ योजना है, जो 1 जनवरी 2017 को शुरू की गई थी. इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली और स्तनपान कराने वाली माताओं को उनके पहले बच्चे के लिए 5,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाती है ताकि गर्भावस्था और प्रसव के दौरान मां और बच्चे की देखभाल सुनिश्चित हो सके. यह योजना मातृ और शिशु मृत्यु दर को कम करने और महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू की गई है.
किन्हें मिलेगा लाभ?
कैसे कराएं पंजीकरण?
जरूरी दस्तावेज
PMMVY ने लाखों गर्भवती महिलाओं को आर्थिक और स्वास्थ्य सहायता प्रदान की है. यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद कर रही है. 2025 तक, इस योजना ने देश भर में करोड़ों महिलाओं को लाभ पहुंचाया है और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.