नई दिल्ली: सुल्तानपुर जिले के भटपुरा गांव में उस दिन जैसे आसमान टूट पड़ा जब गोसाईंगज और केरल पुलिस की गाड़ियां घर के सामने रुकीं. जिस रोहित को गांव वाले सीधा-सादा, कम बोलने वाला लड़का समझते थे, उसी को हथकड़ी लगाकर ले जाया जा रहा था. वजह? उसने भारतीय नौसेना और जहाजों से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज़ पाकिस्तान भेज दिए थे.
घर में उसकी मां बिज्मा, पत्नी रीमा और पांच साल की मासूम बेटी ऋषिका बस रोती रह गईं. उन्हें आज तक नहीं पता था कि रोहित असल में करता क्या है. साल में मुश्किल से एक बार आता था, दो-चार दिन रुकता और चुपचाप वापस चला जाता. न किसी से खूब घुलता-मिलता, न फोन पर लम्बी बातें. मोबाइल भी घर में कभी नहीं छोड़ता था.
रोहित के पिता लल्ले कई साल पहले उसे केरल ले गए थे. वहां कोच्चि में शिपयार्ड के आसपास जहाजों में इंसुलेशन का काम मिल गया. इस साल फरवरी में पिता का वहीं देहांत हो गया, उसके बाद रोहित अकेला ही वहां रहने लगा. पिछले महीने 29 अक्टूबर को दिवाली के आसपास घर आया था. सब ठीक-ठाक लग रहा था. लेकिन 16 नवंबर की सुबह पुलिस आ धमकी और उसे साथ ले गई.
जांच में जो खुलासा हुआ, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है. रोहित के फोन से पाकिस्तानी नंबरों पर भेजे गए सैकड़ों मैसेज, फोटो और डॉक्यूमेंट मिले हैं. इनमें भारतीय युद्धपोतों की डिजाइन, उनकी मरम्मत का शेड्यूल, हथियारों की फिटिंग और कई ऐसी जानकारियां थीं जो दुश्मन के हाथ लगीं तो नौसेना को भारी नुकसान पहुंचा सकती थीं.
पुलिस अभी यह पता लगा रही है कि रोहित अकेला था या कोई बड़ा जासूसी नेटवर्क इसके पीछे है. उसका साथी संतरी भी पकड़ा गया है. गांव में अब हर कोई एक-दूसरे पर शक की नज़र से देख रहा है. जिस लड़के को कोई मक्खी मारते नहीं देखता था, उसने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर दिया. घर की दीवारें आज भी खामोश हैं, बस मां की सिसकियां और बच्ची के सवाल गूंज रहे हैं, “पापा कब आएंगे?”