लखनऊ: रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण मामले में मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने सोमवार को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने बुलडोजर ऐक्शन पर लगी रोक को बरकरार रखा है. कोर्ट ने साफ कहा कि जब तक इस मामले की सुनवाई चलती रहेगी, तब तक ध्वस्तीकरण नहीं होगा. अगली सुनवाई 10 अगस्त को तय की गई है. इस फैसले से आजम खान समर्थकों में खुशी की लहर है.
मामला रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) द्वारा जारी ध्वस्तीकरण आदेश से जुड़ा है. आरडीए ने बिना स्वीकृत नक्शे के बने 38 भवनों को अवैध मानते हुए उन्हें गिराने का आदेश दिया था. विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी, जिस पर पहले अंतरिम रोक लगाई गई थी. सोमवार को हुई सुनवाई में यह रोक जारी रखी गई.
आरडीए ने जून में नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे थे. जवाब और व्यक्तिगत सुनवाई के बाद उपाध्यक्ष ने ध्वस्तीकरण का आदेश पारित किया था. 16 जुलाई को विश्वविद्यालय को नोटिस तामील कराया गया था, जिसमें 15 दिन में खुद भवन हटाने या फिर आरडीए द्वारा कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी. अब अदालती रोक के कारण कोई बुलडोजर कार्रवाई नहीं हो सकती.