हरियाणा के फरीदाबाद में मंगलवार को कथित गोरक्षकों ने गो तस्करी के संदेह में 12वीं कक्षा के छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी. मृतक की पहचान 12वीं कक्षा के छात्र आर्यन मिश्रा के रूप में हुई है. फरीदाबाद पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि यह घटना 23 अगस्त को हुई. आरोपी ने गलती से उस कार को गो तस्करी में शामिल समझ लिया जिसमें पीड़ित अपने दोस्तों के साथ जा रहा था. आरोपी ने पीड़ित की कार का करीब 25 किलोमीटर तक पीछा किया.
पुलिस ने कहा कि आरोपी ने कई गोलियां चलाईं और आर्यन के सीने में गोली लगी. पीड़ित को स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अगले दिन उसकी मौत हो गई. फरीदाबाद के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अपराध अमन यादव ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कौशिक, वरुण, कृष्णा, आदेश और सौरव के रूप में हुई है. एसीपी यादव ने बताया कि आर्यन मिश्रा नामक एक लड़के की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मामले में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई.
घटना के पांच दिन बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने पांच आरोपियों को उसके घर से गिरफ्तार किया. पुलिस ने घटना के दौरान जिस वाहन में आरोपी यात्रा कर रहे थे, उसे और अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियार को बरामद कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के किसी संगठन या समूह से जुड़े होने से भी इनकार किया है. एसीपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को बरामद सामान के साथ पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. आरोपी और मृतक एक-दूसरे को नहीं जानते थे.
आरोपियों ने संदेह के चलते अपराध को अंजाम दिया. आगे की जांच जारी है. पीड़ित आर्यन के पिता सियानंद मिश्रा ने गहरा दुख व्यक्त किया है और इस तरह की हिंसा के मूल कारण को नहीं बताने को लेकर अधिकारियों की आलोचना की है. सियानंद मिश्रा ने कहा कि मेरा बेटा आर्यन मिश्रा 12वीं कक्षा का छात्र था. मुझे कुछ भी पता नहीं था. बाद में मुझे पता चला कि मेरे बेटे को गौ तस्करी के संदेह में गोली मार दी गई. गौ तस्करी के संदेह में किसी को गोली मारने का अधिकार कौन देता है?