लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की घोसी सीट से समाजवादी पार्टी के विधायक सुधाकर सिंह का बुधवार देर रात लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया. वे 58 वर्ष के थे. लंबे समय से मल्टी ऑर्गन फेलियर से जूझ रहे सुधाकर सिंह की हालत पिछले कुछ दिनों से बेहद नाजुक बनी हुई थी.
निधन की खबर मिलते ही सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव तुरंत मेदांता अस्पताल पहुंचे. सुधाकर सिंह के छोटे बेटे सुजीत उन्हें देखते ही भावुक हो गए और अखिलेश से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे. अखिलेश ने काफी देर तक सुजीत को गले लगाए रखा और परिवार के सभी सदस्यों को ढांढस बंधाया.
सबसे हैरान करने वाली तस्वीर तब आई जब सुधाकर सिंह के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और 2023 के घोसी उपचुनाव में उनका मुकाबला करने वाले दारा सिंह चौहान भी अस्पताल पहुंच गए. दारा सिंह ने परिजनों से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के साथ खड़े दिखे.
याद रहे, 2023 का घोसी उपचुनाव बेहद हाई-प्रोफाइल था. दारा सिंह चौहान ने सपा छोड़कर भाजपा का दामन थामा था और भाजपा-सुभासपा गठबंधन ने उनकी जीत के लिए पूरी ताकत लगा दी थी. लेकिन सुधाकर सिंह ने उन्हें लगभग 40 हजार वोटों से हराकर अखिलेश यादव की बड़ी प्रतिष्ठा बचा ली थी. उस जीत ने सुधाकर को सपा खेमे में “संकटमोचक” का दर्जा दिलाया था.
अस्पताल में शिवपाल सिंह यादव भी पहुंचे. वे काफी देर तक परिवार के साथ रहे और बेहद भावुक दिखे. शिवपाल ने कहा, “सुधाकर हमारे परिवार जैसे थे. पक्के समाजवादी, जुझारू कार्यकर्ता और जमीन से जुड़ा नेता. कुछ ही दिन पहले उनसे मिला था, किसी को अंदाजा नहीं था कि इतनी जल्दी ये दिन देखना पड़ेगा. उनकी कमी कभी पूरी नहीं होगी.”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने भी ट्वीट कर शोक जताया, “सुधाकर सिंह जी के आकस्मिक निधन से मन बहुत दुखी है. ईश्वर उनके परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दें और दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.”
सुधाकर सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह उनके पैतृक गांव मऊ जिले के दोहरीघाट क्षेत्र में लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार होगा. सपा ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने अपना एक निष्ठावान सिपाही खो दिया.