पश्चिम बंगाल : कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. ED स्पेशल कोर्ट ने राज्य के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सुजीत बोस को 4 जून तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें सीधे प्रेसिडेंसी जेल ले जाया गया.
सुजीत बोस पर कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जांच चल रही है. ED लंबे समय से पश्चिम बंगाल में विभिन्न भर्ती, नगर निकाय और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कथित घोटालों की जांच कर रही है. जांच एजेंसी का दावा है कि कई मामलों में पैसों के अवैध लेनदेन और प्रभाव का इस्तेमाल किया गया. इसी सिलसिले में सुजीत बोस से पूछताछ की गई थी और बाद में उन्हें गिरफ्तार किया गया.
सूत्रों के मुताबिक, ED अदालत में यह दलील दे चुकी है कि जांच के दौरान कई दस्तावेज, डिजिटल सबूत और वित्तीय लेनदेन ऐसे मिले हैं जिनकी गहराई से जांच जरूरी है. एजेंसी को शक है कि कथित घोटाले में कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका हो सकती है. हालांकि, सुजीत बोस और TMC लगातार आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं.
तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है. वहीं बीजेपी इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रही है. पश्चिम बंगाल में पहले भी शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर निकाय भर्ती और आर्थिक अनियमितताओं के मामलों में कई बड़े नेताओं और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है. ऐसे में सुजीत बोस की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को राज्य की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है.