ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना को बेहद दुखद बताते हुए सुपर-30 के संस्थापक आनंद कुमार ने गुरुवार को प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि छात्र अब कोचिंग सेंटरों के क्लाइंट बन गए हैं. उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि कोचिंग सेंटरों को केवल पैसा कमाने के लिए भागदौड़ नहीं करनी चाहिए. आनंद कुमार ने कहा कि यह सुनकर बहुत दुख हुआ कि यूपीएससी (UPSC) परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए दिल्ली आए 3 मासूम छात्रों की दुर्घटना में मौत हो गई.
उन्होंने कहा कि मैं अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले. जब ऐसी घटनाएं होती हैं तो ऐसे मुद्दे सामने आते हैं, लेकिन सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समय-समय पर निरीक्षण करे और मैं कोचिंग संस्थानों से अनुरोध करता हूं कि वे केवल पैसा कमाने के लिए जल्दबाजी न करें.
उन्होंने यह भी कहा कि कम संख्या में छात्रों को नामांकित किया जाना चाहिए ताकि उनके लिए उचित बैठने की व्यवस्था हो. कुमार ने कहा कि भले ही मुझे अपने कोचिंग संस्थान की फ्रैंचाइज़ी बेचने के लिए निवेशकों से बहुत सारे प्रस्ताव मिले ताकि इसका विस्तार किया जा सके, लेकिन मेरी अंतरात्मा ने मुझे ऐसा करने की अनुमति नहीं दी.
मैं कोचिंग संस्थानों से अनुरोध करता हूं कि शिक्षा को व्यवसाय न बनाया जाए, बल्कि बच्चों के हितों को केंद्र में रखते हुए शिक्षण प्रक्रिया को जारी रखा जाए. सुपर 30 के संस्थापक ने आगे बताया कि आज कोचिंग सेंटरों में लोग माता-पिता को क्लाइंट कहकर संबोधित करते हैं.
आनंद कुमार ने कहा कि आजकल कोचिंग सेंटर में ज्यादातर लोगों ने मार्केटिंग टीम बना रखी है. मुझे आश्चर्य होता है कि जब माता-पिता अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए अपनी जमीन बेचते हैं, तो वहां के लोग चाय परोसते समय उन्हें ग्राहक बताते हैं. अब छात्र ग्राहक बन गए हैं. ये चीजें बहुत विकृत रूप ले चुकी हैं.
सरकार को दी एक्ट में संशोधन की सलाह
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि फीस पर भी नियंत्रण होना चाहिए. इसके लिए सरकार को कोचिंग एक्ट बनाना चाहिए. मौजूदा एक्ट में संशोधन करना चाहिए. जो घटना हुई है, उसके लिए जल्द से जल्द सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. जहां भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, वहां हर महीने जांच होनी चाहिए. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि छात्रों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए. आनंद कुमार ने कहा कि हम चाहते हैं कि हर कोई इसकी जिम्मेदारी ले.
1 करोड़ रुपए से ज्यादा देने की कही बात
आनंद कुमार ने कहा कि कोचिंग संचालक ने गलती की है और एमसीडी को इस पर नजर रखनी चाहिए थी. छात्रों की मांगों को पूरा करना ज्यादा जरूरी है, बजाय इसके कि कौन जिम्मेदारी लेता है. जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. छात्र मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं, हमारा कहना है कि कोचिंग संचालकों को इससे भी ज्यादा देना चाहिए. उनके पास पैसे की कोई कमी नहीं है.