नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है. 'वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट' (WDMMA) की वर्ष 2026 की ग्लोबल एयर पावर्स रैंकिंग में भारतीय वायुसेना 6ठे स्थान पर पहुंच गई है. सबसे अहम बात यह है कि भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है, जबकि पाकिस्तान काफी पीछे 18वें स्थान पर है.
टॉप रैंकिंग
1. अमेरिकी एयर फोर्स (242.9 TvR स्कोर, 5004 एयरक्राफ्ट)
2. अमेरिकी नेवी
3. रूसी एयर फोर्स
4. अमेरिकी आर्मी
5. अमेरिकी मरीन कॉर्प्स
6. भारतीय वायुसेना (69.4 TvR स्कोर, 1716 एयरक्राफ्ट)
7. चीनी वायुसेना (63.8 TvR स्कोर, 3733 एयरक्राफ्ट)
18. पाकिस्तान एयर फोर्स (46.3 TvR स्कोर, 879 एयरक्राफ्ट)
भारत क्यों आगे?
भारत के पास चीन से कम विमान हैं, लेकिन WDMMA की TvR (True Value Rating) रैंकिंग केवल संख्या नहीं, बल्कि गुणवत्ता पर आधारित है. इसमें आधुनिकीकरण, हमले-रक्षा क्षमता, लॉजिस्टिक्स, ट्रेनिंग और बेड़े का संतुलन देखा जाता है. भारतीय वायुसेना के पास सुखोई-30MKI, राफेल और तेजस जैसे आधुनिक फाइटर जेट्स का मजबूत मिश्रण है, जो इसे गुणात्मक बढ़त देता है.
अन्य भारतीय सेनाएं
यह रैंकिंग साफ करती है कि आधुनिक युद्ध में मात्रा से ज्यादा गुणवत्ता और संतुलित बेड़ा मायने रखता है. भारतीय वायुसेना एशिया में एक मजबूत और अभेद्य शक्ति के रूप में उभरी है. अगर केवल देशों की मुख्य वायुसेनाओं की तुलना करें तो अमेरिका और रूस के बाद भारत तीसरे स्थान पर आता है. यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना की तैयारी, आधुनिकीकरण और लड़ाकू क्षमता की जीत है.