चेन्नई : तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विजय ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 23 विधायकों को मंत्री बनाने का फैसला किया. लोक भवन की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की सिफारिश को मंजूरी दे दी है और सभी नए मंत्री चेन्नई में आयोजित समारोह में शपथ लेंगे. इस विस्तार को विजय सरकार का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है.
नई सूची में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों से विधायकों को शामिल किया गया है. थूथुकुडी से श्रीनाथ, अविनाशी से कमली एस, कांचीपुरम से आर.वी. रणजीत कुमार, कुंभकोणम से विनोथ, कुड्डालोर से बी. राजकुमार और कोयंबटूर नॉर्थ से वी. संपत कुमार जैसे नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली है, इसके अलावा कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया है, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि सरकार युवाओं और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस कर रही है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कैबिनेट विस्तार सिर्फ प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति का हिस्सा भी है. विजय सरकार दक्षिण तमिलनाडु से लेकर चेन्नई और पश्चिमी जिलों तक अपने संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है. इसी वजह से कई ऐसे विधायकों को मंत्री बनाया गया है जिनकी अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ मानी जाती है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस विस्तार में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व मिला है. इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकार गठबंधन सहयोगियों को साथ लेकर चलना चाहती है. अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि नए मंत्रियों को कौन-कौन से विभाग दिए जाते हैं और सरकार इन चेहरों के जरिए जनता तक क्या संदेश पहुंचाना चाहती है.