नई दिल्ली:
इस विशेष दावत की सबसे खास बात यह रही कि इसमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर विभिन्न राजनीतिक दलों के 120 से अधिक सांसदों ने शिरकत की और एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया।
अमृतसर के समृद्ध इतिहास, धार्मिक महत्व और मशहूर खान-पान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस दावत का आयोजन किया गया था।
विशेष मेन्यू: दावत के लिए खास तौर पर अमृतसर से प्रामाणिक अमृतसरी छोले-कुलचे, गाढ़ी लस्सी और देसी क्रीम से तैयार फ्रूट क्रीम मंगवाई गई थी।
स्वाद के साथ मेल-जोल: संसद भवन की कैंटीन में जैसे ही पारंपरिक व्यंजनों का दौर शुरू हुआ, सांसदों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा गया।
संसद के दोनों सदनों में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
सांसदों ने अमृतसर की प्रसिद्ध खाद्य संस्कृति की जमकर तारीफ की और कहा कि इस तरह के आयोजन संसद के भीतर विभिन्न विचारधाराओं के नेताओं को एक अनौपचारिक मंच पर करीब लाने में मदद करते हैं।