नई दिल्ली: थाईलैंड के फुकेत से भारत की राजधानी नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया (Air India) की अंतरराष्ट्रीय उड़ान से जुड़ा एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस फ्लाइट का संचालन करने वाले पायलट उड़ान से संबंधित अनिवार्य डोप टेस्ट (Dope Test / Psychoactive Substance Test) में पॉजिटिव पाए गए हैं। विमानन सुरक्षा से जुड़े इस बड़े उल्लंघन के बाद एयर इंडिया प्रशासन और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) तुरंत हरकत में आ गए हैं।
उड़ान सुरक्षा से बड़ा खिलवाड़, तुरंत प्रभाव से रोस्टर से हटाया गया
उड्डयन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फुकेत (Phuket) से दिल्ली (Delhi) के लिए उड़ान भरने वाली इस फ्लाइट के संचालन से पहले/बाद में निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत पायलटों का मेडिकल व डोप टेस्ट कराया गया था। परीक्षण रिपोर्ट में प्रतिबंधित पदार्थों (Psychoactive Substances) की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने बिना देरी किए एक्शन लिया।
तत्काल प्रभाव से ग्राउंडेड: जांच रिपोर्ट में डोप पॉजिटिव आते ही संबंधित पायलट को तुरंत ड्यूटी से हटाते हुए ऑफ-रोस्टर (Grounded) कर दिया गया है।
यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल: अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान इस तरह की लापरवाही ने सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी भी विमान चालक दल के सदस्य द्वारा नशे या प्रतिबंधित दवाओं के प्रभाव में होना सुरक्षा मानकों का सीधा उल्लंघन है।
DGCA के कड़े नियम और संभावित निलंबन
भारत में नागरिक उड्डयन नियामक (DGCA) ने विमानन कर्मचारियों और पायलटों द्वारा अल्कोहल व किसी भी प्रकार के ड्रग्स/डोप सेवन को लेकर बेहद कड़े दिशानिर्देश तय किए हैं।
सख्त निलंबन: नियमों के मुताबिक, डोप टेस्ट में पहली बार दोषी पाए जाने पर संबंधित पायलट का कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) निश्चित अवधि के लिए तुरंत निलंबित (Suspend) कर दिया जाता है।
कैंसिलेशन का प्रावधान: बार-बार नियमों का उल्लंघन करने या गंभीर स्थिति में पायलट का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द (Cancel) करने की सख्त व्यवस्था है।
एयर इंडिया का रुख: 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू
घटना के सामने आने के बाद एयर इंडिया के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि एयरलाइन सुरक्षा मानकों को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance Policy) अपनाती है। इस पूरे मामले में आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी के खिलाफ सेवा समाप्ति सहित कठोर कानूनी एक्शन लिया जाएगा।