TCS case: नासिक टीसीएस यौन शोषण और धर्मांतरण मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. बलात्कार, यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों में दर्ज एफआईआर के करीब 40 दिन बाद निलंबित टीसीएस कर्मचारी निदा खान को गुरुवार देर रात महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार कर लिया गया. नासिक एसआईटी, छत्रपति संभाजीनगर क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया.
निदा खान कौन हैं?
निदा खान नासिक स्थित टीसीएस यूनिट में काम करती थीं. उन पर महिला सहकर्मियों के साथ यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और इस्लाम में धर्मांतरण के लिए दबाव डालने के गंभीर आरोप हैं. पुलिस पहले ही इस मामले में छह अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार कर चुकी है. निदा खान पिछले कई दिनों से फरार चल रही थीं. सूत्रों के मुताबिक, वह छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके में कैसर कॉलोनी के एक फ्लैट में अपने माता-पिता, भाई और चाची के साथ छिपी हुई थीं. पुलिस पिछले दो दिनों से उस फ्लैट पर निगरानी रखे हुए थी.
अदालत में क्या हुआ?
गिरफ्तारी के बाद निदा खान को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) के समक्ष पेश किया गया. उन्होंने दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देकर सुरक्षा की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया. कोर्ट ने एसआईटी की दलील मानी कि इस मामले की जांच में निदा खान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद पुलिस उसे नासिक ले गई.
क्या-क्या आरोप हैं?
एफआईआर में दावा किया गया है कि निदा खान ऑफिस में महिला कर्मचारियों पर इस्लामी रीति-रिवाज अपनाने का दबाव डालती थीं. वे उन्हें बुर्का-हिजाब देने, नमाज सिखाने और इस्लामिक ऐप्स इंस्टॉल कराने जैसी गतिविधियों में शामिल थीं. एक शिकायतकर्ता का नाम बदलकर “हानिया” रखने और उसे नौकरी के बहाने मलेशिया भेजने की साजिश भी रची गई थी.
जांचकर्ताओं का कहना है कि निदा खान से पूछताछ बेहद जरूरी है. उनके मोबाइल फोन और डायरी जब्त करने के बाद यह पता चल सकेगा कि उन्हें बाहर से फंडिंग मिल रही थी या नहीं और मालेगांव-मलेशिया से जुड़े किसी बड़े धर्मांतरण नेटवर्क में उनकी भूमिका थी या नहीं. यह गिरफ्तारी मामले की जांच को नई दिशा दे सकती है.