पटना: जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने एक गंभीर मामले में केंद्र और राज्य सरकारों से हस्तक्षेप की अपील की है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अलग-अलग पत्र लिखे हैं.
इस पत्र के माध्यम से उन्होंने वाराणसी में फरवरी 2025 में हुई एक 17 वर्षीय बिहारी छात्रा की संदिग्ध मौत की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है. घटना के अनुसार, बिहार के रोहतास जिले (सासाराम) की रहने वाली यह नाबालिग छात्रा वाराणसी के भेलूपुर इलाके में एक लड़कियों के हॉस्टल में फंदे से लटकी अवस्था में मिली थी.
परिवार ने इसे आत्महत्या नहीं माना और हॉस्टल चलाने वाले पर हत्या तथा बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए बताया कि मृत छात्रा के माता-पिता उनके घर आए थे और उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त की.
उन्होंने इसे समाज को हिलाने वाली क्रूर घटना बताया और कहा कि पिछले साल 1 फरवरी 2025 को हुई इस घटना में स्थानीय स्तर की जांच से सच्चाई छिप सकती है. इसलिए पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच अनिवार्य है. तेज प्रताप ने इस मामले को बिहार की बेटी के साथ अन्याय के रूप में पेश किया और न्याय की मांग की है.