नई दिल्ली : दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुए छात्र प्रदर्शन पर विवादित टिप्पणी करने वाले दक्षिणपंथी राजनीतिक टिप्पणीकार टीजी मोहनदास को केरल पुलिस ने हिरासत में लिया. 10 अगस्त को तिरुवनंतपुरम की साइबर पुलिस ने उन्हें उनके घर से हिरासत में लिया था, इसके बाद कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी, लेकिन विवाद और कानूनी कार्रवाई अभी जारी है. विवाद की शुरुआत उनके YouTube चैनल ‘Pathrika’ पर सामने आए एक वीडियो से हुई. वीडियो में मोहनदास ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की.
उन्होंने दावा किया कि अगर उनके हाथ में प्रदर्शन संभालने की जिम्मेदारी होती तो वे जंतर-मंतर के आसपास करीब चार किलोमीटर के क्षेत्र में कर्फ्यू लगाते, प्रदर्शनकारियों को तीन बार हटने की चेतावनी देते और नहीं हटने पर गोली चलाने का आदेश देते.
इसी वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन में शामिल महिलाओं को लेकर कथित तौर पर कहा कि वहां रेप और सामूहिक रेप जैसी घटनाएं हो सकती हैं और शिकायत नहीं होगी, क्योंकि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोग रेप पसंद करते हैं और कुछ लड़कियां अपने रेप का आनंद लेती हैं. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिला.
केरल पुलिस ने शिकायतों के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया. एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 192 और 353(1)(b), IT Act की धारा 66 और केरल पुलिस एक्ट की धारा 120(o) जैसी धाराएं लगाई गईं. पुलिस उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कर रही है और आगे अतिरिक्त धाराएं जोड़ने पर विचार कर रही है.
विवाद बढ़ने के बाद RSS ने भी मोहनदास से दूरी बनाई. संगठन ने स्पष्ट किया कि वह RSS के किसी पद पर नहीं हैं और उनके बयान निजी विचार हैं, जिनकी निंदा की जानी चाहिए. मोहनदास ने बाद में अपने बयान का बचाव करते हुए इसे व्यंग्य और काल्पनिक परिस्थिति में कही गई बात बताया और कहा कि मलयालम के व्यंग्य का अंग्रेजी अनुवाद संदर्भ और भाव को बदल देता है.