रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ पिछले कई दिनों से न्याय की गुहार लगा रहे युवाओं की आवाज को पुलिस की लाठियों के दम पर दबाने की कोशिश की गई है। अपनी निष्पक्ष जांच (CBI जांच) और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा वाटर कैनन, आंसू गैस और बर्बर लाठीचार्ज किया गया।
दिन-रात बारिश और ठंड के बीच सड़कों पर अनशन पर बैठे छात्र जब अपनी जायज़ मांगों को लेकर विधानसभा की ओर बढ़े, तो उन पर लाठियां भांजी गईं। इस कार्रवाई में कई युवाओं के घायल होने की खबर है, जबकि कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
युवाओं के दर्द पर भड़का आक्रोश: BJP ने किया 'झारखंड बंद' का आह्वान
छात्रों पर हुए इस अमानवीय व्यवहार के विरोध में और युवाओं के हक-अधिकार की आवाज बुलंद करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को पूरे 'झारखंड बंद' का ऐलान किया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 3,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती
झारखंड बंद और युवाओं के बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए राज्य प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
'युवाओं का दुख सुनने क्यों नहीं पहुंचे राहुल गांधी?' — खड़े हुए गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और उसके शीर्ष नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
गठबंधन सरकार का हिस्सा होने के बावजूद, देश भर में युवाओं और छात्रों के अधिकारों की बात करने वाले राहुल गांधी झारखंड के इन आंदोलित और घायल छात्रों का हाल-चाल जानने तक नहीं पहुंचे। छात्र संगठनों और विपक्ष का कहना है कि जब दिल्ली या अन्य राज्यों में छात्रों पर कोई बात होती है तो तुरंत प्रतिक्रिया देने वाले नेता, झारखंड में लाठियां खा रहे बेबस युवाओं के दर्द पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं।