प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान को सुपुर्द-ए-खाक करने से पहले ऐसा वाकया सामने आया, जिसने जनाजे में मौजूद हर शख्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. छोटे भाई अबान की मौत के गम में डूबे परिवार के बीच सबसे ज्यादा चर्चा अतीक के बड़े बेटे उमर को लेकर हुई. कब्रिस्तान में जब नमाज-ए-जनाजा पढ़ाने की बारी आई तो मौलवी के बजाय उमर सबसे आगे खड़ा हो गया और उसने अपने छोटे भाई के जनाजे की नमाज अदा कराई.
बताया गया कि शनिवार को कसारी-मसारी स्थित कब्रिस्तान में अबान के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं. परिवार की मौजूदगी में नमाज-ए-जनाजा के लिए मौलवी को भी बुलाया गया था, लेकिन ऐन वक्त पर अतीक के तीसरे बेटे अहजम ने अपने बड़े भाई उमर से कहा कि भाई, आप ही नमाज पढ़ाइए. इसके बाद उमर ने भाई की बात स्वीकार की और कब्र के पास सबसे आगे खड़े होकर नमाज-ए-जनाजा अदा कराई.
उमर के पीछे उसका भाई अली, अहजम और परिवार के दूसरे सदस्य खड़े रहे. सभी ने मिलकर अबान के लिए नमाज पढ़ी और इसके बाद उसे कब्र में सुपुर्द-ए-खाक किया गया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है किक्या अबान की मौत के बाद उमर की जिंदगी में कोई बड़ा बदलाव आया है.
क्या वह अब पहले की तुलना में ज्यादा धार्मिक और इबादत की राह पर बढ़ रहा है. हालांकि, सिर्फ जनाजे की नमाज पढ़ाने से किसी व्यक्ति के जीवन में आए स्थायी बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी, लेकिन जिस तरह उमर ने छोटे भाई की अंतिम विदाई में आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली, उसने परिवार के भीतर उसके बदले हुए भावनात्मक और धार्मिक पक्ष की चर्चा जरूर छेड़ दी है.