Bharat Tiwari Encounter : भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर मामले में कोर्ट ने बड़ा कदम उठाते हुए 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है. वारंट जारी होने के बाद पुलिस-प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है. मामले में तत्कालीन जगदीशपुर एसडीएम, एसडीपीओ और शाहपुर थानाध्यक्ष समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है.
मामला उस कथित पुलिस एनकाउंटर से जुड़ा है, जिसमें भरत तिवारी की मौत हुई थी. घटना के बाद से ही पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर की परिस्थितियों को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं. भरत तिवारी के परिजनों की ओर से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग की गई थी. जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ अब कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है.
कोर्ट की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है. इस कार्रवाई में तत्कालीन जगदीशपुर एसडीएम, तत्कालीन एसडीपीओ और शाहपुर थानाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे अधिकारियों के नाम शामिल होना मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है.
वहीं, कोर्ट ने भोजपुर के एसपी को 12 अगस्त तक न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है. इस आदेश के बाद अब पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई और अगला कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होना लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई में एक अहम मोड़ है. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वारंट के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी कब होती है और मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है. आने वाले दिनों में यह मामला बिहार के सबसे चर्चित पुलिस एनकाउंटर मामलों में और बड़ा रूप ले सकता है.