नई दिल्ली: नए साल 2026 के स्वागत से पहले पूरे भारत में सुरक्षा बलों ने कमर कस ली है. उत्तर से दक्षिण तक संवेदनशील क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी है, ताकि आतंकी खतरे या किसी भी अनहोनी को रोका जा सके और लोग बेफिक्र होकर जश्न मना सकें. बड़े शहरों से लेकर बॉर्डर एरिया तक पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है.
जम्मू-कश्मीर में नए साल की पूर्व संध्या पर खास सतर्कता बरती जा रही है. अंतरराष्ट्रीय सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल पर निगरानी कई गुना बढ़ा दी गई है. पैट्रोलिंग को और सघन किया गया है, साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. मंगलवार को जम्मू के मुख्य बस अड्डे पर एक बिना मालिक का बैग मिलने से हड़कंप मच गया.
सूचना पर तुरंत बॉम्ब डिस्पोजल टीम और पुलिस पहुंची, इलाके को सील कर दिया गया और यात्रियों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया. जांच में पता चला कि बैग में सिर्फ कपड़े थे, कोई विस्फोटक नहीं. बैग को पुलिस थाने ले जाया गया और सीसीटीवी की मदद से मालिक की तलाश शुरू कर दी गई है. जांच पूरी होने के बाद बस स्टैंड पर सामान्य आवाजाही बहाल हो गई.
अधिकारियों का कहना है कि देशभर में नए साल को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा इंतजाम अभूतपूर्व स्तर पर हैं. हर छोटी-बड़ी संदिग्ध चीज पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है. दक्षिण भारत में तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में भी बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. नए साल के उत्सव को देखते हुए करीब 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे. ग्रेटर चेन्नई क्षेत्र में लगभग 19,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं.
तांबरम और अवाडी पुलिस कमिश्नरेट में करीब 3,000-3,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. इसके अलावा 1,500 होम गार्ड्स भी ट्रैफिक कंट्रोल, भीड़ प्रबंधन और इमरजेंसी सहायता में लगाए गए हैं. ड्रोन से निगरानी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और विशेष टीमों की तैनाती से सुरक्षा को और पुख्ता किया गया है.
खासकर समुद्री तटों पर तमिलनाडु पुलिस कोस्ट गार्ड और लाइफगार्ड्स के साथ मिलकर काम कर रही है. कुल मिलाकर, देश के हर कोने में सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद हैं, ताकि 2026 की शुरुआत बिना किसी खतरे के हो सके.