Korean game app suicide: ''मैं सच में सॉरी हूं, पापा''... ये तीन बहनों के आखिरी शब्द थे, जिन्होंने मंगलवार रात देर से अपने रिहायशी इमारत की नौवीं मंजिल से कूदकर कथित तौर पर सुसाइड कर लिया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि वे इस घटना की जांच विभिन्न एंगल से कर रहे हैं, जिसमें पीड़िताओं की एक टास्क-बेस्ड कोरियन ऑनलाइन गेमिंग ऐप की कथित लत भी शामिल है. यह घटना भारत सिटी इलाके में रात 2:15 बजे हुई.
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि पीड़ित लड़कियां निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) थीं, और वे कोरियन संस्कृति से प्रभावित थीं. सुसाइड नोट में लिखा था, ''एक सच्ची कहानी. इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो, क्योंकि ये सब सच है. अभी पढ़ो! मैं सच में सॉरी हूं, सॉरी पापा,'' और इसके साथ एक रोता हुआ इमोजी था. प्रारंभिक जांच से पता चला है कि बहनें मोबाइल फोन पर काफी समय बिताती थीं और कथित तौर पर एक कोरियन ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेमिंग ऐप की लत लग गई थी.
पिता ने क्या बताया?
पीड़िताओं के पिता ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि उनकी बेटियां कोई टास्क-बेस्ड गेम खेल रही थीं, और उन्हें यह बात फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने जांच के दौरान बताई. हालांकि, उन्होंने कहा कि गेम में कुल 50 टास्क थे और आखिरी टास्क सोमवार को पूरा हुआ था. स्थानीय लोगों ने जोरदार आवाज सुनी और अलार्म बजाया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस टीम मौके पर पहुंची, इलाके को सील किया और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.
सुसाइड नोट मिला
परिवार के फ्लैट की तलाशी में पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट मिला, जो लड़कियों के माता-पिता को संबोधित था. पुलिस ने इस नोट को जांच के हिस्से के रूप में जब्त कर लिया. पुलिस ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि सुसाइड ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़ा है या नहीं, और मौतों का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है. एसपी अतुल कुमार सिंह ने कहा, ''हमें सूचना मिली कि तीन लड़कियां अपने बिल्डिंग की नौवीं मंजिल की बालकनी से कूद गईं. पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लिया. पीड़िताओं को लोनी के अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें लाया गया मृत घोषित कर दिया गया.''
परिवार से पूछताछ
पुलिस परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है और लड़कियों के मोबाइल फोन तथा उनकी डिजिटल एक्टिविटी की जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि साइबर एक्सपर्ट्स ऑनलाइन इंटरैक्शन और ऐप यूज हिस्ट्री का विश्लेषण करने में मदद कर सकते हैं. डीसीपी निमिश पाटिल ने कहा कि पीड़िताएं कोरियन संस्कृति से प्रभावित थीं. परिवार ने कुछ दिनों के लिए मोबाइल फोन पर बैन लगा दिया था और टास्क या गेम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.
पिता को नहीं था पता
पीड़िताओं के पिता चेतन कुमार के अनुसार, उन्हें नहीं पता था कि उनकी बेटियां कोई ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम खेल रही थीं. उन्होंने कहा कि मुझे कभी नहीं पता था कि यह कोई ऐसा टास्क-बेस्ड गेम होगा जिसमें आपको मरने के लिए कहा जाता है. मैं सोचता था कि वे लूडो खेल रही हैं. फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने मुझे बताया कि मेरी बेटियां ऐसे गेम में शामिल थीं. वे मोबाइल फोन पर खेलती थीं, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है.
ऐप में 50 टास्क थे
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऐप में कुल 50 टास्क थे और 14 साल की लड़की गेम की लीडर थी, जो कमांड देती थी. शक है कि लड़कियों ने बालकनी से कूदने के लिए दो-स्टेप सीढ़ी का इस्तेमाल किया था, जो गेम का टास्क था. पुलिस सूत्रों ने कहा कि पीड़िताओं ने किसी को भी शक नहीं होने दिया कि वे ऐसा गेम खेल रही हैं. जांच चल रही है कि उन्हें इस टास्क-बेस्ड गेम को शुरू करने के लिए किसने कहा.