कोरिया (छत्तीसगढ़): रेत खनन के कारोबार को लेकर लंबे समय से चली आ रही रंजिश ने खूनी रूप ले लिया. छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में मंगलवार रात हुई हिंसक घटना में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह (60) समेत तीन लोगों को फॉर्च्यूनर कार के अंदर जिंदा जला दिया गया. दो अन्य घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
कैसे हुई घटना?
कोरिया जिले की सोनहत तहसील के कटगोड़ी गांव के पास दो गुटों के बीच रेत खनन को लेकर विवाद था. भरत सिंह (लल्ला सिंह) और उनके साथी दो वाहनों टोयोटा फॉर्च्यूनर और स्कोडा सेडान में सवार होकर जा रहे थे. विरोधी गुट (त्रिपाठी परिवार से जुड़े लोग) ने कथित तौर पर फॉर्च्यूनर को टिपर ट्रक से कई बार टकराया, जिससे कार का दरवाजा जाम हो गया.
इसके बाद कार में आग लगा दी गई. भरत सिंह कार के अंदर ही जलकर मारे गए. फॉर्च्यूनर में सवार नागेंद्र सिंह (53) भी 80% जल गए और रायपुर ले जाते समय उनकी मौत हो गई. स्कोडा कार में सवार वीरेंद्र प्रताप सिंह (32) को धारदार हथियारों से हमला किया गया, जिनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. दो अन्य घायलों को रायपुर रेफर किया गया है.
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने तुरंत मामले में FIR दर्ज कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है. प्रारंभिक जांच में यह पुरानी रंजिश का नतीजा बताया गया है. दोनों गुट मूल रूप से नगोई गांव के रहने वाले हैं और रेत खनन व पत्थर कारोबार से जुड़े थे. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा.
घटना स्थल पर क्षत्रिय समुदाय ने सीबीआई जांच की मांग की है और इसे पूर्व नियोजित साजिश बताया है. कांग्रेस ने इसे ''दिल दहला देने वाली'' घटना करार दिया और भाजपा पर अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप लगाया. पुलिस फॉरेंसिक जांच कर रही है कि आग जानबूझकर पेट्रोल छिड़ककर लगाई गई या दुर्घटना में लगी.