West Bengal News : पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इलाके में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है. मथाभंगा ब्लॉक-1 के जोरपार्की ग्राम पंचायत क्षेत्र में एक स्थानीय राजनीतिक नेता को नाराज ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. आरोप है कि नेता ने सरकारी आवास योजना का लाभ दिलाने का भरोसा देकर कई लोगों से पैसे लिए, लेकिन उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका.
ग्रामीणों का कहना है कि उनसे आवास योजना में नाम शामिल कराने और मकान दिलाने के नाम पर हजारों रुपये वसूले गए. समय बीतने के बाद भी जब उन्हें कोई लाभ नहीं मिला तो लोगों में नाराजगी बढ़ती गई. पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा था. महिलाओं समेत कई ग्रामीण लगातार अपने पैसे वापस करने की मांग कर रहे थे.
बुधवार को स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब बड़ी संख्या में ग्रामीण संबंधित नेता के घर पहुंच गए और जवाब मांगने लगे. बताया जा रहा है कि भीड़ के बढ़ते दबाव के बीच नेता ने खुद को घर के एक कमरे में छिपा लिया. स्थानीय लोगों का दावा है कि वह बिस्तर के नीचे जाकर छिप गए थे ताकि गुस्साए लोगों का सामना न करना पड़े.
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने नेता को सुरक्षित बाहर निकाला और आगे की कार्रवाई के लिए थाने ले गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं.
ग्रामीणों का आरोप है कि कई लाभार्थियों से 5 हजार से 20 हजार रुपये तक की रकम ली गई थी. वहीं प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में कथित भ्रष्टाचार और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.