कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है. उन्होंने ऐलान किया है कि 6 दिसंबर को (यानी बाबरी विध्वंस की 33वीं बरसी पर) बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखी जाएगी. मीडिया से बातचीत में कबीर ने कहा, ''6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हम बाबरी मस्जिद की नींव रखेंगे. इसे बनाने में तीन साल लगेंगे. इस कार्यक्रम में देश के कई मुस्लिम नेता शामिल होंगे.''
बीजेपी का तीखा हमला
बीजेपी ने इसे आपराधिक राजनीति की पराकाष्ठा करार दिया है. पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, ''जब पूरा देश अयोध्या में भव्य राम मंदिर का जश्न मना रहा है, तब ममता बनर्जी की शह पर हुमायूं कबीर 6 दिसंबर से बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान कर रहे हैं. यह साफ दिखाता है कि ममता बनर्जी को हिंदुओं से नफरत और घुसपैठियों से कितना प्यार है. ये तुष्टिकरण की गंदी राजनीति है. ममता जानती हैं कि 2026 में उनकी सत्ता जा रही है.''
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, ''बंगाल के हिंदुओं को यह संदेश समझना चाहिए कि ममता के समर्थन से ऐसे लोग हिंदुओं को डराने और राज्य का सौहार्द बिगाड़ने की तैयारी कर रहे हैं.'' उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चेतावनी दी, ''भारत की धरती पर किसी विदेशी आक्रमणकारी के नाम पर एक भी ईंट नहीं रखी जाएगी. पूरे देश में घुसपैठियों के खिलाफ अभियान चल रहा है. 2026 में बंगाल की जनता टीएमसी को उखाड़ फेंकेगी और बीजेपी की सरकार बनाएगी.''
कांग्रेस ने भी साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ''मंदिर बनाओ या मस्जिद, हमें कोई एतराज नहीं, लेकिन वोट के लिए मंदिर-मस्जिद की राजनीति करना गलत है. ध्रुवीकरण की कोशिश नहीं होनी चाहिए.''
6 दिसंबर को कोलकाता में टीएमसी की बड़ी रैली
दरअसल, हर साल 6 दिसंबर को टीएमसी का अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ बाबरी विध्वंस के विरोध में रैली करता रहा है. इस बार यह रैली छात्र और युवा मोर्चे को सौंपी गई है. ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इसमें शामिल होंगे. विधायक हुमायूं कबीर का नींव रखने का ऐलान इसी पृष्ठभूमि में आया है, जिसने 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल की सियासत को गरमा दिया है.