Bengal TMC Crisis: त्रिणमूल कांग्रेस के अंदर बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच, सूत्रों ने बताया कि बागी गुट के पास फिलहाल नई राजनीतिक पार्टी बनाने का कोई तत्काल प्लान नहीं है. इसके बजाय, यह गुट बंगाल विधानसभा के स्पीकर को एक पत्र सौंपने की तैयारी कर रहा है, जिसमें दावा किया जाएगा कि वे "असली" तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करते हैं.
गुट ने पार्टी के दो-तिहाई से ज्यादा विधायकों का समर्थन होने का हवाला दिया है. सूत्रों के अनुसार, बागी विधायकों की एक बैठक फिलहाल विधानसभा के अंदर चल रही है, जिसमें उनकी रणनीति और आगे की कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसी बीच बागी विधायक रितब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे, क्योंकि असंतुष्ट गुट ने पार्टी की विधायी शाखा पर अपना दावा मजबूत करने के प्रयास तेज कर दिए हैं.
सूत्रों ने बताया कि बागी गुट 50 से ज्यादा टीएमसी विधायकों का समर्थन होने का दावा कर रहा है और रितब्रत बनर्जी को विपक्ष के नेता (LoP) के पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर रहा है. कई विधायकों, जिनमें अरूप रॉय, सिउली साहा, अरुणाव सेन, बर्नाली धारा, उषारानी मंडल, नीलिमा मिस्त्री, अखरुज्जमान, नियामत शेख और सुभाषीष दास शामिल हैं, के बागी गुट का समर्थन करने की बात कही जा रही है.
कल्याण बनर्जी ने बंगाल स्पीकर को लिखा पत्र
त्रिणमूल कांग्रेस में विभाजन की अटकलों के बीच, वरिष्ठ पार्टी नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा को पत्र लिखकर सदन में पार्टी की प्रमुख पदों पर की गई नियुक्तियों की जानकारी दी है.
इस पत्र में बनर्जी ने कहा कि पार्टी ने सोभनदेब चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता (Leader of Opposition) नियुक्त किया है, जबकि अशीमा पात्रा और नयना बंदोपाध्याय को उप-नेता (Deputy Leaders of Opposition) बनाया गया है. फिरहाद हाकिम को विधानसभा में पार्टी का मुख्य सचेतक (Chief Whip) नियुक्त किया गया है.