अयोध्या: प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या आज दीपोत्सव के दसवें भव्य आयोजन से जगमगा उठी है. शनिवार को राम की पैड़ी सहित सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये एक साथ प्रज्ज्वलित किए जाएंगे. यह अब तक का सबसे बड़ा दीपोत्सव होगा, जिसमें नया विश्व कीर्तिमान बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
दीपोत्सव का मुख्य कार्यक्रम आज शाम राम की पैड़ी पर होगा. मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन पहले दीये को प्रज्ज्वलित करेंगे. इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे. अवध विश्वविद्यालय के करीब 35 हजार स्वयंसेवकों ने तीन दिनों की मेहनत के बाद घाटों पर दीप सज्जा का काम पूरा कर लिया है. सुबह से स्वयंसेवक दीयों में तेल और बाती डालने का काम कर रहे हैं.
क्या खास है इस दीपोत्सव में?
पिछले साल 2025 में 26.17 लाख दीये जलाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था. इस बार संख्या 30 लाख से ऊपर ले जाने की तैयारी है. दीपोत्सव का पांच दिवसीय आयोजन 5 नवंबर से शुरू हो चुका है और 9 नवंबर तक चलेगा. देशभर से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक अयोध्या पहुंच रहे हैं.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की है. शाम होते ही राम की पैड़ी और सरयू तट दीपों की रोशनी से जगमगा उठेंगे और पूरा अयोध्या दिव्य आभा से भर जाएगा. यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को भी नई ऊंचाई दे रहा है. आज शाम जब लाखों दीये एक साथ जलेंगे, तो रामनगरी का यह नजारा देखने लायक होगा.