अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर काशी का जलवा, विश्व भर में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना ब्रांड बनारस

Global Bharat 18 Dec 2025 12:32: AM 2 Mins
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर काशी का जलवा, विश्व भर में पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना ब्रांड बनारस

वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और इतिहास को समेटे हुए पौराणिक नगरी काशी ने बीते वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है. ब्रांड बनारस अब विश्व भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन चुका है. वाराणसी देश के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां तेजी से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो रही है. योगी सरकार के नेतृत्व में काशी के कलेवर में हुए ऐतिहासिक बदलावों ने उसके प्राचीन वैभव को नई ऊर्जा दी है. अपनी मौलिक पहचान को बरकरार रखते हुए आधुनिक होती काशी की बदलती हुई हुई छवि ने दुनिया भर के सैलानियों को बनारस की ओर खींचा है. पर्यटकों की संख्या का कीर्तिमान स्थापित होने के साथ ही पर्यटन उद्योग व काशी की आर्थिकी में भी सकारात्मक असर दिख रही है. वर्ष 2014 से वर्ष 2025 (सितम्बर तक) तक 12 सालो में 45,44,82,662  (पैंतालीस करोड़ चौवालीस लाख बयासी हजार छ: सौ बासठ ) भारतीय और विदेशी काशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया है. 

वर्ष 2014 से 2025 (सितम्बर तक) तक 45 करोड़, 44 लाख,82 हजार से अधिक पर्यटकों ने काशी का किया भ्रमण

पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 में पर्यटकों की संख्या 54,89,997 ( चौवन लाख नवासी हजार नौ सौ सतानबे ) थी, जो 2025 ( सितंबर तक) तक बढ़कर 146975155( चौदह करोड़ उन्हत्तर लाख पचहत्तर हजार एक सौ पचपन ) के पार पहुँच गई. आंकड़ों के अनुसार 2014 के मुकाबले 2025 में भारतीय और विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगभग 14,64,26,158 ( चौदह करोड़ चौंसठ लाख छब्बीस हजार एक सौ अट्ठावन ) से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. 2014 से 2025 तक 12 वर्षो में भारतीय पर्यटकों की संख्या 45,16,09,026 और विदेशी पर्यटकों की संख्या 28,73,636 है. 

डबल इंजन सरकार में धरातल पर उतरा विकास

दशकों तक विकास कार्य केवल कागज़ी योजनाओं तक सिमटा रहा . अब काशी में विकास कार्य तेजी से धरातल पर उतर रहा है, वाराणसी का सांसद बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में केंद्र की बागडोर संभाली और 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली तब से डबल इंजन की सरकार ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन स्थलों के साथ-साथ वाराणसी के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया. मजबूत कानून व्यवस्था, बेहतर कनेक्टिविटी (सड़क, रेल और हवाई मार्ग), बुनियादी सुविधाओं में व्यापक सुधार और विश्वस्तरीय सुविधाओं एवं  व्यवस्थाओं ने काशी को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित किया है.

*विश्वनाथ कॉरिडोर सेबुद्ध की तपोस्थली सारनाथ  तक बदली काशी की तस्वीर*नव्य-भव्य काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लोकार्पण से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाओं का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है. वहीं, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफ-सफाई व्यवस्था, बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ के विकास, गंगा में क्रूज़ का संचालन और आधुनिक सुविधाओं की निरंतर बढ़ती श्रृंखला ने देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित किया है.
कोरोना काल के बाद रिकॉर्ड उछालकोरोना महामारी के कारण वर्ष 2020 और 2021 में पर्यटन प्रभावित हुआ, लेकिन इसके बाद काशी में पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिला. वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक हर साल रिकॉर्ड संख्या में सैलानी वाराणसी पहुँचे, जिससे पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिली.

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