Smog in Delhi: शनिवार की सुबह दिल्ली के कई इलाकों में स्मॉग छाया रहा, पिछले कुछ दिनों में हवा की गुणवत्ता तेज़ी से खराब और बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है. दिल्ली का AQI या वायु गुणवत्ता सूचकांक कई इलाकों में 300 के पार पहुंच गया है और दिल्लीवासी सर्दियों से पहले बढ़ते वायु प्रदूषण से जूझ रहें हैं. आनंद विहार, अक्षरधाम और उसके आसपास के इलाकों में शनिवार की सुबह AQI बढ़कर 334 हो गया, जिससे हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई. शनिवार की सुबह राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाकों में स्मॉग की परत भी देखी गई.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इंडिया गेट के पास 251, नेहरू पार्क के पास 209, आईटीओ के पास 226, भीकाजी कामा प्लेस के पास 273 और एम्स के पास 253 वायु गुणवत्ता सूचकांक दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा. वायु गुणवत्ता के बिगड़ने के कारण ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) प्रतिबंधों का पहला चरण 15 अक्टूबर को दिल्ली में लागू हुआ और धूल को कम करने के लिए सड़कों की बार-बार पानी से सफाई जैसे उपाय पहले से ही चल रहे हैं. शुक्रवार, 18 अक्टूबर को, वायु गुणवत्ता सूचकांक 292 पर पहुंच गया था, जिसमें वजीरपुर क्षेत्र 390 के रीडिंग के साथ सबसे अधिक प्रभावित था.
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अन्य हिस्सों में धूल प्रदूषण वायु गुणवत्ता को खराब करने वाले प्रमुख कारक हैं क्योंकि पूर्वी हवाएं शुरू हो गई हैं. दिल्ली के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (EWS) द्वारा पूर्वानुमान लगाया गया है कि पंजाब और हरियाणा से पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण का योगदान सप्ताहांत में बढ़ने की उम्मीद है. प्रदूषण के कारण निवासियों को सांस लेने में कठिनाई, खांसी और कई तरह की बीमारियों की शिकायत है.
मीडिया को बताया गया कि अक्षरधाम क्षेत्र के पास प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि गले में घुटन, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन हो रही है. उन्होंने कहा कि दिवाली के बाद प्रदूषण का स्तर और बढ़ेगा. सरकार को प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है. जो लोग आग में पदार्थ जला रहे हैं, उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिए. जिन लोगों को सांस की समस्या है, उन्हें बहुत तकलीफ हो रही होगी. लोगों ने सुझाव दिया कि शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए नागरिकों को अधिक सार्वजनिक परिवहन या कारपूल का उपयोग करना चाहिए.
वायु गुणवत्ता सूचकांक क्या है?
0 से 50 तक के वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है. साथ ही दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि 13 जगहों AQI 300 को पार कर गया है. ये जगह है, वजीरपुर, मुंडका, रोहिणी, जहांगीरपुरी, आनंद विहार, द्वारका सेक्टर-8, बवाना, नरेला, विवेक विहार, ओखला फेज 2, पंजाबी बाग, अशोक विहार और आरके पुरम.
जमकर हो रही है राजनीति!
इस मुद्दे को लेकर अब जमकर राजनीति भी हो रही है. विपक्षी पार्टियां आम आदमी पार्टी (AAP) पर जमकर निशाना साध रही है, क्योंकि राज्य में पिछले 10 साल से AAP की सरकार है. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि AAP वायु प्रदूषण संकट से निपटने असफल साबित हो रही है. उन्होंने कहा कि आज AAP की दोषारोपण की राजनीति के कारण दिल्ली गैस चैंबर बन गई है. जबकि केजरीवाल ने बड़े-बड़े वादे किए थे. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि AAP ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाकर लोगों को धोखा दिया है.