नई दिल्ली: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले प्रवासियों को हिंदी थोपने की कोशिश के खिलाफ एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है. इसके बाद शिव सेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ उनकी संयुक्त रैली का माहौल और भी गरमा गया है. दोनों चचेरे भाइयों ने वर्षों बाद एक साथ मंच साझा कर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों को मराठी अस्मिता की आखिरी लड़ाई के रूप में पेश किया.
इस दौरान राजठाकरे ने कहा कि यूपी और बिहार के लोगों को समझना चाहिए कि हिंदी आपकी भाषा नहीं है. मुझे भाषा से नफरत नहीं है. लेकिन अगर आप इसे थोपने की कोशिश करेंगे, तो मैं तुम्हें लात मारूंगा, जिस पर भीड़ से जोरदार तालियां बजीं और चुनावी माहौल में भाषाई मुद्दे को और तेज कर दिया. उन्होंने बीएमसी चुनाव को निर्णायक बताते हुए कहा कि वे हर तरफ से महाराष्ट्र में आ रहे हैं और आपका हिस्सा छीन रहे हैं. अगर जमीन और भाषा चली गई, तो आप खत्म हो जाएंगे.
उन्होंने कहा कि यह मराठी आदमी के लिए आखिरी चुनाव है. अगर आज आपने यह मौका गंवा दिया, तो आप खत्म हो जाएंगे. मराठी और महाराष्ट्र के लिए एकजुट हों. उन्होंने मुंबई को महाराष्ट्र का हिस्सा बनाने के लिए हुए बलिदानों को याद किया और पूछा कि हम उन लोगों को क्या मुंह दिखाएंगे?
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को पोलिंग डे के लिए सख्त निर्देश दिए और कहा कि सुबह 6 बजे बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) तैयार रहें. सतर्क रहें, लापरवाह न हों. अगर कोई दोबारा वोट डालने आए, तो उसे बाहर फेंक दें. उन्होंने ईवीएम पर नजर रखने और कथित दोहरे मतदाताओं पर निगरानी रखने की बात कही.
उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह राजनीतिक एकता शहर के लिए अस्तित्व के संकट के कारण मजबूरी में हुई है. मुंबई में बीएमसी चुनाव से पहले यह आखिरी संयुक्त रैली में उन्होंने कहा कि दोनों भाइयों ने मराठी मानूस, हिंदुओं और महाराष्ट्र के लिए अपने सभी मतभेद भुला दिए हैं. उद्धव ने कहा कि मराठी के लिए प्यार खून में होना चाहिए. दोनों नेताओं ने खुद को मुंबई को बाहरियों के नियंत्रण से बचाने का एकमात्र विकल्प बताया.
राज ने कहा कि यह एकजुटता मुंबई पर गंभीर खतरे की साझा समझ से हुई है. दोनों ने बीजेपी पर महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ सांस्कृतिक और आर्थिक एजेंडा चलाने का आरोप लगाया. राज ने तीन-भाषा फॉर्मूला और कक्षा 1 से 5 तक हिंदी अनिवार्य करने के प्रस्ताव को बड़े षड्यंत्र से जोड़ा. उन्होंने कहा कि किसी भाषा के खिलाफ गुस्सा नहीं है, बल्कि उसके थोपने के खिलाफ है और इसे मराठी मानूस की चेतना की परीक्षा बताया.
दोनों चचेरे भाइयों ने बीजेपी पर मुंबई की लूट करने और इसे गुजरात के आर्थिक क्षेत्र से जोड़ने का आरोप लगाया. राज ने आरोप लगाया कि 2014 में सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने गौतम अडानी के समूह को लगातार फायदा पहुंचाया. वाढवण पोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पालघर, ठाणे और मुंबई महानगर क्षेत्र पर नियंत्रण का लंबा प्लान है. राज ठाकरे ने कहा कि लंबे समय का प्लान मुंबई को गुजरात से जोड़ना है और मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन जैसे प्रोजेक्ट्स का हवाला दिया.
उन्होंने कहा कि अगर बीएमसी हमारे पास रही, तो वे अडानी को जमीन नहीं बेच पाएंगे और वोटरों से गठबंधन को समर्थन देने की अपील की. उद्धव ने बीजेपी पर नकली हिंदुत्व और हर चुनाव में विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हमें एक भी चुनाव दिखाओ जहां आपने हिंदू-मुस्लिम राजनीति नहीं खेली.
उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी नेता के अन्नामलाई के बयान का जिक्र किया, जिन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी केंद्र में, देवेंद्र फडणवीस राज्य में और मुंबई में बीजेपी मेयर होने से बॉम्बे महाराष्ट्र का शहर नहीं, अंतरराष्ट्रीय शहर है. उद्धव ने कहा कि यह बयान बीजेपी के असली इरादों को उजागर करता है और सवाल उठाया कि क्या पार्टी मुंबई का नाम फिर से बॉम्बे करना चाहती है.
उन्होंने बीजेपी पर भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया और कहा कि पहले शिव सेना-बीजेपी सरकार में बीएमसी में 3 लाख करोड़ रुपए की अनियमितताएं हुईं. साथ ही दावा किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाला 50-60% सीमेंट अडानी से लिया गया.